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यहां नियम नहीं, सहूलियत से चलता है यातायात

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दिल्ली-दून हाईवे पर जड़ौदा के पास बना कट, जहां अक्सर सड़क हादसे होते है। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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हाईवे तक को नहीं बख्शा, अवैध कट बनाकर तैयार कर लिए मार्ग
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मुजफ्फरनगर। जनपद में यातायात व्यवस्था कानून व नियमों के दायरे में नहीं, सहूलियत के हिसाब से चलती है। शहर की तो बात दूर, हाईवे को भी लोगों व प्रतिष्ठानों ने अपनी सुविधा के हिसाब से खुर्द-बुर्द करने में कसर नहीं छोड़ी। दिल्ली-दून हाईवे पर खतौली के भंगेला चेकपोस्ट से लेकर वहलना बाईपास तक दोनों साइड में बड़ी तादाद में छोटे-बड़े होटलों की चेन है, जिनके संचालकों ने अपनी सुविधा के अनुसार हाईवे के डिवाइडर को तोड़कर प्रतिष्ठानों तक आने-जाने के लिए अवैध कट बना लिए हैं। इन अवैध कट से होकर होटल तक आने-जाने वाले वाहन कभी भी अचानक हाईवे पर दौड़ते वाहनों के सामने आ जाते हैं, जिससे बड़ी तादाद में हादसे होते हैं। पिछले एक साल की बात करें तो इन अवैध कट पर हुए हादसों में 15 से अधिक लोग जान गंवा चुके हैं। इसके बावजूद एनएचएआई (हाईवे निर्माण अथॉरिटी) न तो अवैध कट बनने से रोकने के लिए आगे आती है और न ही इन्हें बंद करने के प्रयास करती है। नतीजतन हर साल न केवल अवैध कट पर होने वाले हादसों की संख्या बढ़ रही है, बल्कि इनमें हताहत होने वाले लोगों की तादाद में भी इजाफा हो रहा है।
वैध कट व चौराहे भी देते हैं हादसों को न्योता
मुजफ्फरनगर। हाईवे पर बने अवैध कट के साथ ही बेतरतीब बने वैध कट और कुछ चौराहे भी लगातार हादसों को न्योता देते हैं। इनमें भंगेला कट, भैंसी कट, मंसूरपुर में शाहपुर मोड़, जड़ौदा कट, नई मंडी क्षेत्र में बागोवाली कट, रथेड़ी कट और पचेंडा बाईपास शामिल हैं। इनमें सबसे अधिक हादसे भैंसी कट, शाहपुर मोड़, पचेंडा बाईपास व बागोवाली कट पर होते हैं। हाल ही में इन कट पर हुए हादसों में कई जानें गईं हैं।
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ट्रिपल राइडिंग के साथ ही बिना हेलमेट व सीट बेल्ट वाहन दौड़ाते हैं लोग
मुजफ्फरनगर। यातायात माह समापन की ओर बढ़ रहा है, लेकिन लोग यातायात नियमों के पालन के लिए जरा भी जागरूक नहीं है। लापरवाही का आलम यह कि चेकिंग हो या न हो, बेखौफ होकर दुपहिया वाहन चालक बिना हेलमेट और ट्रिपल राइडिंग करते नजर आते हैं। वहीं, कार चालक भी सीट बेल्ट लगाने को अधिक तरजीह नहीं देते। यहां तक कि वाहन चलाते समय नियमों की धज्जियां कर किसी भी लेन में वाहन को दौड़ा दिया जाता है, या फिर मोड़ लिया जाता है, इससे पूरी तरह बेपरवाह कि उनकी इस हरकत से जाम ही क्यों न लग जाए। यातायात कर्मियों की बात करें तो वे चालान पर कम, ट्रैफिक कंट्रोल पर ही अधिक ध्यान देते हैं, ताकि सड़कों व चौराहों पर जाम न लगे। शनिवार को अमर उजाला टीम ने शहर के मीनाक्षी चौक पर ट्रैफिक कंट्रोल व चेकिंग का जायजा लिया तो ऐसे कई वाहन चालक कैमरे में कैद हुए, जो ट्रैफिक के नियमों का पुलिसकर्मियों के सामने ही उल्लंघन करते नजर आए।
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