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अल्ट्रासाउंड हो जाता तो, बच जाती प्रसव पीड़िता की जान

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जानसठ में प्रसव पीड़िता पत्नी की मौत होने पर रोता बिलखता पति। - फोटो : KHATAULI
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जानसठ। लॉकडाउन में गर्भवती महिला का अल्ट्रासाउंड नहीं हो सका। अगले रोज महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। अस्पताल में महिला की हालत बिगड़ गई और जिला अस्पताल ले जाते हुए रास्ते में उसकी मौत हो गई। अगर अल्ट्रासाउंड हो जाता तो, महिला की जान बच सकती थी। महिला की मौत होने से परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।
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गांव तिसंग निवासी नवीन की पत्नी उपासना गर्भवती थी। शनिवार को परिवार के लोग डिलीवरी की जानकारी के लिए उपासना को लेकर अल्ट्रासाउंड कराने के लिए खतौली लेकर गए लेकिन लॉकडाउन के चलते अल्ट्रासाउंड सेंटर बंद मिला। इसके बाद परिजन अन्य अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर भी उसे लेकर गए, कहीं सब जगह सेंटर बंद मिले। परिवार के लोग उपासना को घर ले गए। रविवार सुबह उपासना को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। परिवार के लोग आनन फानन में महिला को लेकर सीएचसी लेकर पहुंचे। यहां पीड़िता की हालत बिगड़ने लगी, तो महिला चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। जिला अस्पताल ले जाते हुए प्रसव पीड़िता की रास्ते में ही मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि अगर उपासना का शनिवार को अल्ट्रासाउंड हो जाता तो उसकी जान बच सकती थी। महिला की मौत को लेकर परिजनों का रोरोकर बुरा हाल है।
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