मुजफ्फरनगर/छपार। राष्ट्रीय संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत रविवार को जनपद के तीन तालाबों में मच्छर का लार्वा खाने वाली गप्पी नामक मछलियां डाली गई। उत्तराखंड के हरिद्वार में स्थित मलेरिया विभाग के रिसर्च सेंटर से ये मछलियां लाई गईं हैं।
डेंगू और मलेरिया जैसी घातक बीमारी की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन ने हरिद्वार स्थित मलेरिया विभाग के रिसर्च सेंटर में तैयार की गईं ‘गप्पी’ मछलियां जनपद के तालाबों में डालने की योजना तैयार की थी। रविवार को शुरूआती दौर में शहर के साकेत कॉलोनी, चरथावल के गांव सिंगलपुर और छपार के गांव सिसौना स्थित तालाबों में ये मछलियां डाली गईं। मुख्य विकास अधिकारी आलोक यादव व सीएमओ डॉ एमएस फौजदार रविवार को टीम के साथ इन तीनों तालाबों में पहुंचे और ‘गप्पी’ मछलियां डलवाईं।
इस दौरान अफसरों ने लोगों को राष्ट्रीय संचारी रोग नियंत्रण अभियान से अवगत कराते हुए बताया कि मच्छरों से बचाव बहुत जरूरी है। इससे निपटने के लिए ही ‘गप्पी’ मछलियां तालाबों में डलवाईं गईं हैं, जो मच्छरों का लार्वा खाती हैं। इस दौरान तालाबों के किनारे पर फूलदार पौधे भी लगवाए गए। कार्यक्रम में जिला मलेरिया अधिकारी अलका सिंह, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ महक सिंह, डॉ शमशेर आलम, कंसल्टेंट एहतेशाम खान, चंदन सिंह, अतुल त्यागी और रणधीर सिंह आदि उपस्थित रहे।