मोरना। पहलगाम में आतंकवादी हमले में मारे गए पर्यटकों की मौत से पूर्व सैनिक नाराज है। सैनिक संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि हर मोर्चे पर वह साथ देने के लिए तैयार हैं। बिना समय गंवाए भारत को पाकिस्तान पर हमला कर देना चाहिए।
पूर्व राष्ट्रीय सैनिक संस्था के प्रदेश अध्यक्ष केप्टन केपी मलिक ने कहा कि दुनिया में आतंकवाद मिटाने को अपनी दृढ़ता का संदेश देना होगा। कारगिल युद्ध भी भारतीय सेना ने अपने पराक्रम के बल पर जीता था।उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय सैनिक संस्था के 11 हजार पूर्व सैनिक देश की रक्षा करने के लिए तैयार है ।
संगठन के जिलाध्यक्ष अशोक कुमार ने कहा जिले में करीब पूर्व दो सौ सैनिकों का पहलगाम हमले को लेकर खून खौल रहा है। पाकिस्तान और आतंकवाद को सबक सिखाने के लिए पूर्व सैनिक अपनी सेवाएं देने के लिए तैयार बैठे हैं।
मंडल अध्यक्ष राजेंद्र राठी ने कहा अबकी बार लड़ाई आर पार की होनी चाहिए। बेगुनाह भारतीय एवं सैनिकों अपने प्राणो की आहुति कब तक देते रहेंगे।
प्रदेश सचिव प्रमेेंद्र राठी ने कहा हमारी सेना भारतीय नौजवान के साथ पूर्व सैनिक के तजुर्बे का मिश्रण आतंकवाद को जड़ से मिटा देगा। आज भी हम बोली पर गोली मारने का जज्बा रखते हैं।
शुकतीर्थ कारगिल शहीद स्मारक प्रबंधक मांगेराम ने कहा पूर्व सैनिक परिवार ही नहीं देश की धरोहर को संभालने के लिए अपने की प्राणों की आहुति देने के लिए नहीं हिचकेंगे।
कैप्टन डीपी राठी ने कहा कश्मीर हमारा है। इसकी रक्षा के लिए हम अपना सब कुछ लुटाने को तैयार हैं। दुश्मन को उसकी औकात बताने का सही समय है।
पूर्व राष्ट्रीय सैनिक संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीर चक्र विजेता करनाल तेजिंदर पाल त्यागी ने बताया कि कश्मीर हमारा आत्मसम्मान और गौरव है, इसकी रक्षा हम अपने प्राण देकर करेंगे। शुकतीर्थ कारगिल शहीद स्मारक कारगिल युद्ध विजेताओं की धरोहर है। कारगिल युद्ध के दौरान 527 अपने प्राणों की आहुति देकर देश की रक्षा करने वाले वीर जवानों के नाम शिलापट पर अंकित है।