स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय में मरीजों से उगाही का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। नेत्र और अस्थि रोग विभाग के बाद अब एक सर्जन रिश्वत लेने के घेरे में आए हैं। चिकित्सक पर बीमार लड़की के उपचार के लिए छह हजार रुपये लेेने का आरोप है। अस्पताल में चिकित्सकों की कार्यप्रणाली को लेकर सीएमओ ने कड़ी आपत्ति जताई है। अब रिश्वतकांड को लेकर सीएमओ की स्पेशल टीम जांच करेगी।
जिला चिकित्सालय में मरीजों का उत्पीड़न रुक नहीं रहा है। नेत्र विभाग के डॉ एमके सैन प्रकरण पर लखनऊ से जांच बैठाई गई है, जबकि डॉ एमआर सिंह के खिलाफ भी दो चिकित्सकों की टीम जांच कर रही है। सोमवार को अस्पताल में और रिश्वतकांड ने अफसरों के होश उड़ा दिए। चरथावल के गांव न्यामू के कुछ लोग बीमार लड़की के गले का ऑपरेशन कराने के लिए जिला अस्पताल पहुंचे थे। यहां सर्जन चिकित्सक ने बिना सुविधा शुल्क दिए इलाज करने से हाथ खड़े कर दिए।
इलाज के नाम पर चिकित्सक ने पीड़ित परिवार से इलाज के लिए 12 हजार रुपये की मांग रखी, लेकिन बाद में उपचार के लिए छह हजार रुपये में सौदा हुआ। छह हजार रुपये लेकर सर्जन चिकित्सक ने लड़की का ऑपरेशन किया। मामले की जानकारी होने पर सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने इस पर आपत्ति जताई। डॉक्टरों की कार्यप्रणाली से विभाग की छवि पर लग रहे दाग से खफा स्वास्थ्य मुखिया ने जांच के लिए स्पेशल टीम का गठन किया है।
यह टीम उगाही करने वाले चिकित्सकों की गोपनीय जांच करेगी। सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने बताया कि इलाज के नाम पर पैसा लेना अपराध की श्रेणी में है। ऐसा करने वाले चिकित्सकों पर जांच बैठाई गई है, जिनकी जांच होने के बाद रिपोर्ट को लखनऊ भेजा जाएगा। मरीज भी चिकित्सक के रुपये मांगने पर विभागीय अधिकारियों को तत्काल सूचना दें, ताकि कार्रवाई की जा सके।