भौंराकलां। पुलिस ने एमसीडी दिल्ली में नौकरी लगवाने का झांसा देकर 26 लाख रुपये ठगने के दो आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पीडिृ़त की शिकायत पर डीआईजी सहारनपुर के आदेश पर मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। शामली जिले के कैराना कोतवाली क्षेत्र के गांव डुंडूहेड़ा निवासी अशोक ने डीआईजी सहारनपुर से शिकायत करके बताया था कि वह सरकारी नौकरी करता था। उन्होंने वर्ष 2020 में वीआरएस ले लिया था। उन्हें फंड का पैसा मिला था। मुजफ्फरनगर जिले के गांव भौंराकला निवासी विपिन गहलोत व विकास गहलोत की उसके साथ जान पहचान थी।
आरोपी दोनों भाइयों ने उससे कहा कि उनकी एमसीडी दिल्ली में जान पहचान है। इस कारण वह उनके रिश्तेदारों की एमसीडी दिल्ली में सरकारी नौकरी लगवा देंगे। पीड़ित ने अपने पुत्र, पुत्री, दामाद व दोस्त के पुत्र सहित 6 लोगों की नौकरी लगवाने के लिए दोनों आरोपियों को 26 लाख रुपये दिए थे। इसके बाद उन्होंने उन्हें 6 नियुक्ति पत्र दिए। एमसीडी में ज्वाइनिंग भी करा दी।
एमसीडी का ड्राइवर किशन रेड्डी सभी से ड्यूटी रजिस्टर में हस्ताक्षर भी करवाता रहा। 6 महीने नौकरी करने के बाद जब वेतन नहीं मिला तो एमसीडी में वेतन संबंधी जानकारी की तो पता लगा कि नियुक्ति पत्र फर्जी है और उसके साथ ठगी हो गई है। इसका पता चलते ही उसके पैरों तले से जमीन निकल गई। पीड़ित ने बताया कि ठगी का पता चलने पर उसने पैसा वापसी के प्रयास शुरू किए। पीड़ित ने गांव भौंराकला में दोनों आरोपी भाइयों से संपर्क किया तो उन्होंने उसके साथ गाली गलौज कर झूठे केस में फसाने की धमकी दी। दबाव के बाद दोनों आरोपी भाइयों ने 6 लाख रुपए वापस भी किए। बाकी रकम लौटाने के झूठे वादे करते रहे।
इसके बाद उसने डीआईज्ी सहारनपुर से इसकी शिकायत की। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की विवेचना की जा रही है ।