Muzaffarnagar News: जिले में गोरखपुर एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण का काम चल रहा है। मंगलवार को एडीएम एफ ने चार गांवों के किसानों की आपत्तियों पर सुनवाई की। इस दौरान किसानों ने हंगामा कर दिया और अपनी कई मांगें सामने रखीं।
गोरखपुर एक्सप्रेसवे के लिए चल रही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पर किसान काफी मुखर हैं। किसानों ने कचहरी में प्रदर्शन करते हुए सर्किल रेट पर भूमि न देने की बात कहकर हंगामा किया। आपत्ति जताते हुए कहा कि एक्सप्रेसवे में कृषि भूमि देकर किसान बेरोजगार हो जाएगा। उनकी भूमि के एवज में बाजार भाव से चार गुना दाम दिया जाए। साथ ही परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी मिले।
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पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे (शामली-खेड़ी फेस-1) हाई स्पीड एक्सप्रेस नियंत्रित कॉरिडोर के लिए शासन ने भूमि अर्जित करने की प्रक्रिया चालू कर दी है, जिसका तीन जुलाई को अधिकृत रूप से राजपत्र जारी किया गया। विभिन्न गांवों में अधिगृहीत की जाने वाली भूमि के संबंध में आपत्ति के निस्तारण के लिए अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अनिरुद्ध प्रताप सिंह को नियुक्त किया गया है।
मंगलवार को उन्होंने गांव झबरपुर, कुतुबपुर और भोजाहेड़ी के किसानों की ओर से लगाई गई करीब 100 आपत्तियों पर सुनवाई की। किसान निर्धारित समय अपराह्न एक बजे से पहले ही कचहरी परिसर पहुंचना शुरू हो गए थे। सुनवाई से पहले किसानों ने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व न्यायालय के बाहर प्रदर्शन किया। हर्ष त्यागी, सचिन त्यागी, नरेश, मामराज शामिल रहे।
सर्किल रेट का नहीं, बाजार भाव का चार गुना मिले मूल्य
कुतुबपुर के किसान सिद्धार्थ त्यागी ने भूमि का मूल्य बाजार भाव का चार गुना दिए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि वास्तविक बाजार मूल्य पर ग्रामीण क्षेत्र का चार गुना और 100 प्रतिशत मुआवजा का लाभ दिया जाए। किसान इस मामले में बड़ा आंदोलन करने के लिए तैयार हैं।
वास्तविक बाजार मूल्य का प्रतिनिधित्व नहीं करता सर्किल रेट
किसान प्रवीण ने कहा कि सर्किल रेट बहुत कम है और वह भूमि के वास्तविक बाजार मूल्य का सही प्रतिनिधित्व नहीं करता। केवल सर्किल रेट को आधार बनाकर मुआवजा निर्धारित करने से किसानों को उनकी भूमि का उचित और न्यायसंगत मूल्य नहीं मिल पाएगा।
50 लाख रुपये प्रति बीघा मिले मुआवजा
पिपलहेड़ा के किसान चरण सिंह का कहना है कि उन्हें उनकी भूमि के एवज में कम से कम 50 लाख रुपये प्रति बीघा मुआवजा दिया जाए। प्रस्तावित मार्ग के कारण अनेक खेत दो या अधिक अलग-अलग हिस्सों में बंट सकते हैं। कहीं बहुत छोटा, लगभग एक-दो बीघा या उससे भी कम क्षेत्रफल का टुकड़ा शेष रह सकता है।
सस्ते में लुट जाएगा किसान, रोजगार पर आएगा संकट
पिपलहेड़ा के किसान कुलदीप शर्मा का कहना है कि गोरखपुर एक्सप्रेसवे में भूमि देकर किसान सस्ते में लुट जाएगा। इसके बाद उसे हमेशा के लिए बेरोजगार होना पड़ेगा। इस बात की चिंता है कि आने वाली पीढ़ियां क्या कमाएंगी और क्या खाएंगी। सरकार को चाहिए कि भूमि का उचित दाम देने के साथ किसानों के रोजगार का भी उचित इंतजाम करे।