क्रय केंद्रों पर गोदाम फुल हुए, खुले में रखा गेहूं
मुजफ्फरनगर। जिले में क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद ज्यादा हुई है। गोदाम भर गए हैं और गेहूं को खुले में ही रखा गया है। जबकि मौसम विभाग ने आगामी दो दिन आंधी और बरसात की चेतावनी दी है। इंतजाम नहीं किए गए और बारिश हुई तो हजाराें टन गेहूं भीग कर खराब हो जाएगा।
जनपद में 51 क्रय केंद्रों पर अभी तक करीब 19 हजार टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। कई केंद्रों पर गोदाम फुल हो गए हैं। ऐसे में खरीदा गया गेहूं बाहर ही खुले आसमान के नीचे रखा है। अभी तक भारी बरसात से गेहूं को बचाने के इंतजाम नहीं हैं। केवल पॉलिथीन और तिरपाल का ही सहारा है। आंधी के साथ बरसात हुई तो कई हजार टन गेहूं भीगने की आशंका है। हालांकि जिला खाद्य विपणन अधिकारी कमलेश सिंह का कहना है कि सभी केंद्र संचालकों को गेहूं की सुरक्षा के निर्देश दिए गए हैं।
रतनपुरी में डीसीडीएफ के गेहूं क्रय केंद्र पर अभी तक 3399 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई। केंद्र प्रभारी पवन कुमार का कहना है कि खराब मौसम से बचने के लिए क्रय केंद्र पर पर्याप्त साधन उपलब्ध नहीं हैं। मंगलवार को करीब एक हजार कट्टे गेहूं क्रय केंद्र पर बाहर खुले आसमान में ही रखा हुए थे। बड़ी पॉलीथिन का इंतजाम किया गया है।
शाहपुर में 600 क्विंटल गेहूं गोदाम से बाहर रखा है। करीब 400 क्विंटल गेहूं को तिरपाल से ढककर रखा गया था। बाकी 200 क्विंटल गेहूं खुले में रखा था। हालांकि केंद्र प्रभारी केपी वर्मा का कहना है कि गेहूं को ट्रक के माध्यम से अन्य गोदामों में भिजवाया जा रहा है।
जानसठ में गेहूं क्रय के पीडीएफ गोदाम पर बारिश से बचाव के लिए सरकारी गेहूं को पन्नी और तिरपाल से ढककर इतिश्री कर दी जाती है। यह सरकारी गेहूं को बारिश से भीगने से बचाने की वैकल्पिक व्यवस्था है। गोदाम में गेहूं रखने की क्षमता अधिक नहीं है, जिस कारण गेहूं की बोरिया खुले में रखी जाती हैं।
क्षेत्रीय विपणन अधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि पीडीएफ गोदाम के अंदर 1472 क्विंटल गेहूं रखने की क्षमता है। बाकी गेहूं को गोदाम के बाहर तिरपाल ढककर बोरियों में रखा जाता है। इस बार पांच हजार क्विंटल गेहूं खरीदा गया था। जितना गोदाम की गेहूं रखने की क्षमता थी, वह गेहूं गोदाम के अंदर रखा है, बाकी गेहूं गोदाम के बाहर तिरपाल से ढका हुआ है।
खतौली की कृषि उत्पादन मंडी में बने गेहूं क्रय केंद्र पर आधी अधूरी तैयारियों के बीच गेहूं की खरीद का काम चल रहा है। गेहूं क्रय केंद्र पर बारिश, आंधी आने पर खरीदे गए गेहूं की हिफाजत करने के पुख्ता इंतजाम नहीं है।