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सीएम बोले, हमें एक और मौका दीजिए 

Wed, 20 Jul 2016 01:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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मुख्यमंत्री का पगड़ी पहनाकर अभिनंदन करते स्थानीय लोग। - फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पूरी तरह चुनावी मोड में नजर आए। मंच संभालते ही उन्होंने भाजपा और बसपा को निशाने पर ले लिया। बातों-बातों में वह इशारा कर गए कि 2017 में सपा की लड़ाई भाजपा से ही होगी। अच्छे दिन का धोखा अबकी बार नहीं चलेगा, यह कहकर उन्होंने केंद्र सरकार को खरी-खरी सुनाई। हालांकि अखिलेश रालोद पर एकशब्द भी नहीं बोले। 
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नसीरपुर की सभा में मौका भी था और समय भी। मुख्यमंत्री चुनावी रंग में नजर आए। सीएम सिर्फ 24 मिनट बोले, लेकिन उन्होंने भाजपा और बसपा को निशाने पर लिए रखा। उन्होंने कहा केंद्र की मोदी सरकार हमारी योजनाओं पर अड़ंगे लगाती है। चार साल में पूरे देश में किसी भी प्रांत में इतने विकास कार्य नहीं हुए। अगर मुकाबला ही करना ही करना है तो हमारे काम से करें।

यूपी हर क्षेत्र में आगे बढ़ा है। सपा समाज को बांटती नहीं है। गांव, गरीब और किसान के साथ हर वर्ग के हित में नए फैसले लिए गए हैं। अच्छे दिन का नारा लगाकर बार-बार धोखा नहीं दिया जा सकता। उन्होंने सवाल किया कि दो साल में प्रदेश में भाजपा के 73 सांसदों ने क्या किया? सहारनपुर में मोदी सरकार के दो साल पूरे होने पर हुई रैली से किसानों को क्या मिला? मोदी भाषण से लुभाते हैं।
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गन्ना किसानों के बकाया भुगतान का जिम्मा सपा सरकार निभाएगी। दो हजार करोड़ की किसानों को मदद दी गई। खाद, सिंचाई और बिजली को बेहतर किया गया है, ताकि किसान खुशहाल हो सके। सीएम ने अपनी उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि सड़कें इतनी बनी हैं, जितनी किसी सरकार में नहीं बनी। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे से सूबे में पर्यटन बढ़ेगा। मेरठ-करनाल मार्ग के बाद मुजफ्फरनगर से सहारनपुर सड़क मार्ग फोरलेन तैयार कराया जा रहा है। बसपा पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि बगावत ने बसपा को खत्म कर दिया है।

पिछले एक माह से यह नहीं पता कि बसपा कहां है। बसपा सुप्रीमो के पास विकास का कोई मुद्दा नहीं है। बसपा सरकार में बने हाथियों पर उन्होंने बुआजी को घेरा। मुस्कुराते हुए बोले हम समाजवादी और संस्कारी भी। लोग उन्हें बहनजी कहते हैं और हम बुआजी। कांग्रेस पर सीएम ने कोई खास चर्चा नहीं की। बस इतना कहा कि कांग्रेस सरकार के चीनी आयात करने से गन्ना उत्पादकों का नुकसान हुआ है। पश्चिम में खेती-किसानी को सियासत की धुरी माना जाता है। सीएम ने पूरे भाषण में कहीं भी रालोद और छोटे चौधरी का जिक्र नहीं किया।

बाबूजी से प्रभावित दिखाई दिए सीएम   
पूर्व डिप्टी सीएम नारायण सिंह और पूर्व सांसद संजय चौहान की सियासी विरासत को आगे ले जाने के लिए चंदन चौहान को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का वरदहस्त मिल गया है। नसीरपुर में सीएम जितने वक्त भी रहे, उन्होंने अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच चंदन को अहमियत दी। अपने भाषण में भी सीएम ने कहा कि बाबू नारायण सिंह सूबे के डिप्टी सीएम थे।

मैंने अपने पिता मुलायम सिंह यादव से उनके कार्यों को जाना। विधानसभा की कार्यवाही में उनके द्वारा किसान हित में उठाए गए मुद्दों को पढ़ा। वे गांव और गरीब के लिए चिंतित रहते थे। चंदन के टिकट की घोषणा तो नहीं हुई, लेकिन इतना तय है कि वह 2017 का चुनाव मीरापुर या खतौली सीट से लड़ेंगे। 
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