युवती का अपहरण कर हत्या करने वाले आरोपी को विशेष जिला सत्र न्यायाधीश ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 80 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मुकदमे में शासकीय अधिवक्ता की ओर से सात गवाह पेश किए गए। सबूूतों और गवाही के आधार पर आरोपी को सजा दी गई है।
थाना सिविल लाइन क्षेत्र के मोहल्ला रैदास पुरी निवासी उषा सिंह ने मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया था कि वह चुनाव सामग्री बेचने का कार्य करती है। जिसके चलते माल ट्रक आदि से आता था। इसी के चलते मल्हूपुरा निवासी ट्रक ड्राइवर इरफान का उसके घर आना-जाना था। 27 अप्रैल 2003 को इरफान उसकी बेटी दीपा को बहला-फुसला कर ले गया। छह जून को बामनहेड़ी रेलवे स्टेशन के निकट दीपा की लाश मिली। मामले में इरफान को आरोपी बनाया गया।
मुकदमे की सुनवाई विशेष अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अभिमन्यु की अदालत में हुई। मुकदमे में सहायक शासकीय अधिवक्ता विजयपाल सिंह वर्मा ने सात गवाहों को पेश करने के साथ सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलील और सुबूतों के साथ गवाहों के बयान पर गौर किया। मुकदमे के अभियुक्त इरफान को अपहरण कर हत्या का दोषी करार देते हुए धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 40 हजार का जुर्माना, धारा 364 के तहत 7 वर्ष का कारावास और 20 हजार का जुर्माना, धारा 201 के तहत पांच वर्ष का कारावास एवं 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है ।