भोपा/मीरापुर। गांव जौली में मेहमान द्वारा लाए गए घेवर के खाने से वृद्ध सहित सात लोगों की तबियत बिगड़ गई, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घेवर मीरापुर के एक हलवाई के यहां से खरीदा गया था। सभी को फूड प्वायजनिंग की शिकायत पाई गई है। उधर, जानसठ एसडीएम के आदेश पर मीरापुर एसओ ने मीरापुर में मिठाई की दुकान को बंद करा दिया है।
भोपा थाना क्षेत्र के ग्राम जौली निवासी इनाम और बाबू सगे भाई हैं। शुक्रवार को मेरठ के इंचौली गांव से घर पर मेहमान आए, जो मीरापुर के एक हलवाई से बच्चों के लिए घेवर खरीदकर लाए थे। घेवर बाबू और इनाम के परिजनों ने खाया। घेवर के खाते समय तो कुछ अहसास नहीं हुआ, लेकिन मध्य रात्री के बाद इनाम के बच्चों जुवेद, जुनेद, उजेर की हालत बिगड़ गई, जिन्हें पहले तो गांव में ही दवाई दिलाई, लेकिन सुधार न होने के कारण उन्हें रात्री में ही मुजफ्फरनगर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
शनिवार को इनाम और बाबू के वृद्ध पिता हाजी निशार सहित बाबू के बच्चों तरबीया (15), उवेश (13), सुहेल (8) की भी तबियत बिगड़ती देख परिजन उन्हें उपचार के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। घेवर खाने से एक ही परिवार के सात सदस्यों के बीमार होने की जानकारी मिलने पर एसडीएम उमेश कुमार मिश्रा के आदेश पर एसओ ने आरोपी हलवाई की दुकान बन्द करा दी।
एसडीएम ने बताया कि दुकान में रखी मिठाइयों और घेवर आदि के नमूने लेने के लिए संबंधित खाद्य सुरक्षा निरीक्षक को मीरापुर भेजा गया है। पुलिस ने बताया कि शुक्रवार को गांव इंचौली निवासी शहजाद पुत्र इकराम मीरापुर के मेन चौराहे स्थित वैभव स्वीट्स से तीन किलो घेवर अपने नाना के घर जौली ले गया था।
फूड प्वायजनिंग होने की जानकारी मिलने पर जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसडीएम के आदेश पर एसओ जयभगवान यादव पुलिस बल के साथ आरोपी की दुकान पर पहुंचे। दुकानदार से बात कर दुकान बंद करा दी।