मुजफ्फरनगर में लूट, हत्या और बलात्कार की घटनाओं में वृद्धि
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दोे जिलों में इन दिनों अपराध की बाढ़ आई हुई है। मेरठ में सप्ताह में औसतन एक लूट और दो हत्या की घटना हो रही है। वहीं मुजफ्फरनगर में पिछले साल के मुकाबले अपराध में बेतहाशा बढ़ोत्तरी हुई है। इन दो जिलों में हो रही घटनाओं की समीक्षा खुद एडीजी जोन मेरठ डीके ठाकुर कर रहे हैं। जिन जिलों में घटनाएं बढ़ीं है, वहां के पुलिस अफसरों से जवाब मांगे जा रहे हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि जो भी घटनाएं हो रही हैं उनका खुलासा हो किया रहा है। ज्यादातर घटनाएं आपसी रंजिश के चलते हो रही हैं।
आंकड़ों की बात करें तो 1 जनवरी 2024 से 30 मई 2024 तक मेरठ जिले में 42 हत्या की घटना हो चुकी है। इसके अलावा लूट की 22 घटनाएं और बलात्कार की 34 घटनाएं इस दौरान हुई हैं। वहीं मुजफ्फरनगर में पिछले साल इसी अवधि में हत्या की 13 घटनाएं हुई थीं जो इस साल बढ़कर 21 हो गई है। लूट की घटना भी 3 से बढ़कर 19 हो गई हैं। यानि लूट की घटनाओं में 600 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। बलात्कार के मामले भी पिछले साल के मुकाबले 9 से बढ़कर 22 पहुंच गए हैं। शामली में भी हत्या की घटनाएं बढ़ी हैं।
पिछले साल जनवरी से मई के बीच में जहां 8 हत्या की घटनाएं हुई थीं, वहीं इस साल दो गुने से भी बढ़कर 17 पहुंच गई हैं। हालांकि यहां लूट और बलात्कार की घटनाओं में पिछले साल के मुकाबले मामूली कमी आई है। मुजफ्फरनगर को छोड़ दिया जाए तो जोन के बाकी जिलों मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, हापुड़, सहारनपुर और शामली में अपराध के आंकड़े या तो पिछले साल के बराबर रहे हैं या उससे कम रहे हैं। मुजफ्फरनगर और शामली की तरह बागपत में भी हत्या की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। मुजफ्फरनगर के अलावा बुलंदशहर में बलात्कार के मामले बढ़े हैं, बाकी जिलों में स्थिति पिछले साल के मुकाबले बेहतर रही है।