संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। आवास विकास परिषद मेरठ की ओर से हाईवे पर नई कॉलोनी बसाए जाने के लिए गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। तीन गांव के 250 से अधिक किसानों की जमीन ली जाएगी। किसान 30 दिन में आपत्तियां कर सकेंगे।
राष्ट्रीय राजमार्ग-58 के इर्द-गिर्द 280 हेक्टेयर भूमि में आवासीय काॅलोनी का खाका खींचा गया है। परिषद की ओर से डिमांड सर्वे कराए जाने के बाद ही कॉलोनी बसाने का प्रस्ताव धरातल पर उतरा।
मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की ओर से तैयार की गई महायोजना 2031 के तहत 12 लाख की आबादी को ध्यान में रखकर आवासीय योजनाओं का खाका खींचा जा रहा है। इस बीच आवास-विकास परिषद मेरठ की ओर से भी इस मामले में पहल कर दी गई है। तीन माह पहले लखनऊ में हुई बोर्ड बैठक में नगर में आवासीय कॉलोनी बसाने का प्रस्ताव रखा गया था। कॉलोनी बसाने के लिए 500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया, जिसके उपरांत डिमांड सर्वे कराया गया। सकारात्मक रिपोर्ट आने पर आवास आयुक्त डॉ. बलकार सिंह ने भूमि अर्जन के लिए अधिसूचना जारी कर दी।
-तीन गांव के 250 से अधिक किसानों की ली जाएगी भूमि
आवास विकास परिषद मेरठ के अवर अभियंता सुनील कुमार ने बताया कि एनएच-58 पर गांव शेरनगर, बिलासपुर और धंधेड़ा के आसपास की करीब 280 हेक्टेयर भूूमि नई कॉलोनी बसाने के लिए चिह्नित की गई है। बताया कि कॉलोनी बसाने के लिए प्रस्तावित भूमि के दायरे में करीब 700 खसरा आ रही है। इसके सापेक्ष लगभग 250 से अधिक किसानों की भूमि अधिग्रहित की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि गजट नोटिफिकेशन हो चुका है, अब परिषद की ओर से धारा-28 की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी। बताया कि कॉलोनी का दायरा जानसठ और जौली मार्ग सहित जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल के आसपास का रहेगा।
-30 दिन के भीतर संबंधित भू स्वामी कर सकेंगे आपत्ति
आवास विकास परिषद मेरठ के अवर अभियंता सुनील कुमार ने बताया कि नियमानुसार सरकारी गजट में प्रथम बार प्रकाशित होने की तिथि से 30 दिन के अंदर आपत्तियां ली जाएंगी। उन्होंने बताया कि इस योजना में अधिग्रहीत की जाने वाली भूमि से संबंधित आपत्तियां कार्यालय आवास आयुक्त लखनऊ, अधिशासी अभियंता निर्माण खंड आवास विकास परिषद मेरठ को की जा सकती है।