फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिला जज ने ट्रायल की विशेष अनुमति दी

विज्ञापन
विज्ञापन
गौड़ीय मठ का मामला : जिला जज ने ट्रायल की विशेष अनुमति दी
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। गौड़ीय मठ में बच्चों का यौन उत्पीड़न किए जाने के मामले में जिला जज ने ट्रायल के लिए विशेष अनुमति दे दी है। विशेष अपर सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) संजीव कुमार तिवारी ने जिला जज राजीव शर्मा से विशेष अनुमति मांगी थी। इस प्रकरण को लेकर डीएम सेल्वा कुमारी ने भी न्यायालय को पत्र लिखा था।
मिजोरम के मामित जिले के छह और त्रिपुरा के नॉर्थ त्रिपुरा जिले के चार बच्चों के साथ गौड़ीय मठ में यौन शोषण के मामले में भोपा पुलिस न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इस केस में ट्रायल की प्रक्रिया शुरू करने को लेकर कोरोना महामारी आडे़ आ रही थी। हाईकोर्ट ने महामारी के चलते गवाहों को कोर्ट नहीं बुलाने के आदेश जारी किए हुए है। साथ ही यह आदेश भी जारी किया हुआ है कि जो मामले संवेदनशील है, उन्हें लेकर जिला जज अलग से निर्णय ले सकते हैं और ट्रायल की अनुमति दे सकते हैं। गौड़ीय मठ का मामला बच्चों से जुड़ा होने के कारण अत्यंत संवेदनशील है। इस प्रकरण को लेकर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, राज्य बाल संरक्षण आयोग और लखनऊ हाईकोर्ट ने सीधे संज्ञान लिया है। इस मुद्दे को लेकर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने मिजोरम के मामित जिले के डीएम, त्रिपुरा के नॉर्थ त्रिपुरा के डीएम, यूपी की बाल कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव, मुजफ्फरनगर जिले के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से ऑनलाइन सीधे बातचीत भी की थी। परिणाम स्वरूप 25 दिन में पुलिस ने इस मामले में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। डीएम सेल्वा कुमारी जे ने इस प्रकरण में जिला जज को पत्र लिखा था। विशेष अपर सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) संजीव कुमार तिवारी ने जिला जज राजीव शर्मा से इस मामले में गवाही कराने के लिए विशेष अनुमति मांगी थी। जिला जज ने विधि के अनुसार इस मामले में ट्रायल की अनुमति दे दी है। इस मामले में अब सीधे बच्चों की गवाही हो सकेगी और प्रकरण में पुलिस द्वारा बनाए गए गवाह भी न्यायालय में अपनी गवाही दे सकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

त्वरित सुनवाई होगी: शर्मा
मुजफ्फरनगर। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव शर्मा का कहना है कि जिला जज ने बच्चों के साथ हुए यौन उत्पीड़न के मामले में ट्रायल की अनुमति दे दी है। पॉक्सों की विशेष अदालत में इस मामले में ट्रायल होगा। यह प्रयास किया जाएगा कि बच्चों को यथा शीघ्र न्याय मिले।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें