सार
मेरठ में गैंगस्टर नीरज की जमानत के लिए बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। 14 साल पहले मर चुके व्यक्ति को जमानती दिखाया गया, जबकि दो सगे भाई भी तलब के बावजूद कोर्ट नहीं पहुंचे। जांच में पूरा मामला उजागर हुआ।
मेरठ से सटे हस्तिनापुर निवासी गैंगस्टर नीरज की जमानत केस में चौंकाने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है। नीरज की जमानत कराने के लिए दो सगे भाइयों को जमानती बनाया गया था, लेकिन जांच में पता चला कि जिनमें से एक जमानती की 14 साल पहले ही मौत हो चुकी है। कोर्ट द्वारा तलब किए जाने पर भी कोई जमानती पेश नहीं हुआ, जिसके बाद खुलासा हुआ कि पूरी जमानत प्रक्रिया में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया था।
मृत व्यक्ति को बना दिया जमानती
अदालत के रिकॉर्ड के मुताबिक, जमानत के समय दो सगे भाइयों को जमानती के रूप में पेश किया गया था। जब कोर्ट ने तलब भेजा, तब पता चला कि एक जमानती 14 वर्ष पूर्व ही मृत हो चुका है, जिसके बावजूद उसकी पहचान का इस्तेमाल कर जमानत प्रक्रिया पूरी की गई।
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तलब पर नहीं पहुंचे जमानती, खुला फर्जीवाड़ा
कोर्ट ने जब दोनों जमानतियों को तलब किया, तो कोई भी अदालत नहीं पहुंचा। इस पर अदालत ने जांच कराई, जिसमें सामने आया कि जमानत प्रक्रिया में फर्जी दस्तावेजों के सहारे मृत व्यक्ति का नाम जोड़ा गया था।
प्रारंभिक जांच के बाद कोर्ट ने पुलिस को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।