स्थानीय अदालत से तीन आरोपियों का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज हो गया, जिसके बाद बचाव पक्ष ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। प्रकरण का अवलोकन करने के बाद हाईकोर्ट ने टिप्पणी में लिखा कि यह कृत्य पुलिस स्टेशन खालापार के एसएचओ की मनमानी को दर्शाता है।
पुलिस स्टेशन खालापुर के अलावा एसएसपी और जिला मजिस्ट्रेट की ओर से लापरवाही भी रही। जिन्हें यूपी गैंगस्टर्स गैंगस्टर्स और असामाजिक क्रियाकलाप (रोकथाम) नियम, 2021 के नियम 5(3)(ए) के तहत संयुक्त बैठक आयोजित करने के समय अपने विवेक का प्रयोग करना आवश्यक है।
तीन आरोपियों की जमानत अर्जी हुई थी निरस्त
खालापार थाने में दर्ज मुकदमें में आरोपी बनाए गए मनशाद उर्फ सोना, शादाब उर्फ चिड़ा और विसार ने सेशन न्यायालय में जमानत अर्जी दाखिल की थी। विशेष न्यायालय गैंगस्टर एक्ट/एडीजे-5 ने 10 जून को आरोपियों की जमानत अर्जी निरस्त कर दी थी।
आरोपी मनशाद को मिली अंतरिम जमानत
खालापार थाने में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे और प्रकरण में याची मनशाद उर्फ सोना की हाइकोर्ट ने अंतरिम जमानत मंजूर कर ली है। आरोपी को हाइकोर्ट में सूचीबद्ध होने की अगली तिथि तक व्यक्तिगत बांड तथा समान राशि के दो जमानतदार प्रस्तुत करने और संबंधित न्यायालय की संतुष्टि के बाद अंतरिम जमानत पर रिहा करने के आदेश पारित किए है।