मोरना (मुजफ्फरनगर)। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश के चलते उफनाई गंगा अब खादर क्षेत्र में कहर बरपाने लगी है। गंगा में आए उफान से रविवार सुबह खादर क्षेत्र के गांव शेरपुर दल्लावाला में सिंचाई विभाग का तटबंध टूट गया। चकवाल की मिट्टी का कटान होने से बाढ़ का पानी तेजी से गांव में घुसा और फसलें जलमग्न हो गईं। प्रशासन ने आधा दर्जन गांवों में लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने के निर्देश दिए हैं।
पहाड़ों पर लगातार बारिश से उफनाई गंगा के चलते बाढ़ के हालात उत्पन्न हो गए हैं। शुकतीर्थ में भी गंगा का पानी शुकदेव सेतु को छूने लगा है और गंगा घाट भी डूबने के कगार पर हैं। वहीं, खादर क्षेत्र के गांव शेरपुर, दल्लावाला में सिंचाई विभाग का तटबंध अत्यधिक पानी से क्षतिग्रस्त हो गया। बाढ़ का पानी तटबंध के पास स्थित सड़क को काटने के साथ ही तटबंध के पास से मिट्टी कटान कर खेतों में घुस गया। इससे खादर क्षेत्र के गांव शेरपुर, दल्लावाला, मजलिसपुर तोफीर, महाराज नगर, शैरनगर, सिताबपुरी, बिहारगढ़ व इंछावाला में भी पानी घुस गया और तमाम फसलें जलमग्न हो गईं। इन गांवों में पानी आबादी तक पहुंचने के कगार पर है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
गांव मजलिसपुर तोफीर के प्रधान योगेश चौहान ने बताया कि शेरपुर, दल्लावाला में स्थित तटबंध को बाढ़ के पानी से नुकसान हुआ है। इसकी जानकारी मिलने पर एसडीएम जानसठ जयेंद्र कुमार के निर्देश पर लेखपाल सोमपाल व पंकज सिंह ने ग्रामीणों से संपर्क कर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की। वहीं, आला अफसरों को भी स्थिति की जानकारी दी गई है।
तेज बहाव में फंसी भैंसा-बुग्गी, दंपती बहे
मोरना। खादर क्षेत्र के गांव महाराजनगर में खादर स्थित खेत से चारा लेकर लौट रहे दंपती की जान पर बन आई। रविवार सुबह गांव निवासी सुमित अपनी पत्नी के साथ खादर स्थित खेतों में चारा लेने गया था। इसी दौरान गंगा में पानी बढ़ गया। दोपहर के समय दंपती भैंसा-बुग्गी में चारा लेकर लौटने लगे। जैसे ही सुमित ने भैंसा-बुग्गी से गंगा पार करने की कोशिश की, पानी का तेज बहाव भैंसा-बुग्गी को बहा ले गया और दंपती की जान पर बन आई। शोर मचाने पर आसपास से ग्रामीण मौके पर पहुंचे। गांव निवासी सगे भाइयों नीरज व दीपचंद ने गंगा में छलांग लगाकर कड़ी मशक्कत के बाद नदी से दोनों को बाहर निकाला। वहीं, गांव निवासी रमेश भी रविवार दोपहर खेत में काम कर रहा था। इसी दौरान गंगा का पानी खेतों में जा पहुंचा, जिससे वह पानी के बीच फंस गया। गांव के ही पवन व राजसिंह और अन्य ग्रामीणों ने किसी तरह उसे बाहर निकाला।