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भरोसे के कत्ल से आहत आशा ने उठाया अत्मघाती कदम

Wed, 13 Jan 2016 12:38 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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छपार। स्वास्थ्य कर्मी आशा पर ग्रामीण क्षेत्र में गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी कराने का जिम्मा है। इसी फर्ज को पूरा करने में छपरा गांव की आशा को जान देनी पड़ी गई। भरोसे का कत्ल कर आरोपी पहले उसकी इज्जत से खेले और बाद में ब्लैकमेलिंग पर उतर आए। आशा के परिवार में पति के अलावा तीन बच्चे हैं। घटना को लेकर जिले की आशा कर्मियों में जबरदस्त आक्रोश है।
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स्वास्थ्य विभाग में जिले में आशा कर्मियों की बड़ी तादाद है। सरकार ने महिलाओं की डिलीवरी और जच्चा-बच्चा के जीवन की सुरक्षा के लिए गांव में आशाओं की तैनाती कर रखी है। छपार गांव की आशा भी पिछले कई साल से सेवा कार्य कर रही थी। गांव के ही शाहिब के परिवार की महिला की मदद के लिए वह शहर आई और शाम तक जच्चा की व्यवस्था में जुटी रही। आरोपियों ने भरोसे का कत्ल कर दिया। घर लौटते समय नीयत खराब हुई और धोखे से उसे नशीला पदार्थ दे दिया गया।

बेहोशी की हालत में आशा से शाहिब और उसके साथियों ने गैंगरेप ही नहीं किया बल्कि उसकी मोबाइल से वीडियो क्लिपिंग भी बना ली। घर-परिवार की इज्जत के लिए आशा तीन दिन से खामोश अपमान का घूंट पीती रही। दरिंदों ने इस पर भी सब्र नहीं किया। अगले ही दिन क्लिपिंग सार्वजनिक करने का डर दिखाकर आशा को फिर से बुलाने की कोशिश की। आशा हाथ जोड़कर क्लिपिंग को डिलीट करने की गुहार लगाती रही, लेकिन आरोपियों ने उसकी एक नहीं सुनी। क्लिपिंग को व्हाट्सअप पर वायरल कर दिया। शारीरिक और मानसिक रूप से टूट चुकी आशा को जब कोई राह नहीं मिली तो उसने अपनी जिंदगी को खत्म करने का फैसला कर लिया।
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महिला के साथ हुई वारदात परिवार में भी किसी को पता नहीं चली। गर्भवती महिलाओं की जान बचाने में मदद करने वाली आशा को खुद जहर खाकर जान देनी पड़ी। उसके तीन मासूम बच्चे हैं। जिनमें दो बेटे और एक बेटी है। परिवार की माली हालत अच्छी नहीं है। आशा की तनख्वाह पर ही परिवार का खर्च चलता था। उसकी मौत से पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। सबसे छोटे बेटे को आशा अंतिम समय तक अपने साथ रखे रही। जहर खाने से पहले उसने कलेजे के टुकड़े को एक ग्रामीण के हाथ गांव भेज दिया। आशा कर्मी के साथ हुई घटना के बाद जिलेभर की आशाओं में जबरदस्त गुस्सा है। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के अफसरों को ग्रामीण क्षेत्र में देर रात डिलीवरी के मामलों में आशाओं को पुलिस सुरक्षा देने की मांग उठ गई है।

आनन-फानन में दर्ज किया मुकदमा
छपार। दूसरे समुदाय के आरोपियों द्वारा गांव की आशा से गैंगरेप करने के मामले को लेकर छपरा में तनाव है। दोनों संप्रदायों में गुस्सा भड़कने की संभावना है। ऐहतियात के तौर पर प्रशासन ने गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दिया है। गुर्जर और मुसलिम बहुल गांव में घटना को लेकर आक्रोश बढ़ता देख पुलिस ने आनन-फानन में मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने पहुंची तो दबिश के दौरान दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। एसएसपी, एसपी सिटी और सीओ मामले पर नजर रखे हुए हैं।

छपरा कांड पर चुप नहीं बैठेंगे : वीरेंद्र
मुजफ्फरनगर। पूर्व ब्लाक प्रमुख वीरेंद्र सिंह कुतुबपुर ने छपरा में आशा से गैंगरेप के दोषियों के खिलाफ एनएसए की कार्रवाई की मांग की है। सिंह ने पूरी घटना पर डीएम और एसएसपी से बात कर पीड़िता के परिवार को सुरक्षा देने और आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की है। साथ ही कहा कि आशा कर्मी का पोस्टमार्टम परिवार की सहमति के बिना कराया जा रहा है। ताकि प्रशासन रात में ही अंतिम संस्कार कराकर मामले को रफा-दफा करा सके। इस मामले पर जिले की जनता चुप नहीं बैठेगी। घटना ने बसेड़ा कांड को दोहरा दिया है।
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