आरोपियों की तीन बाइक बरामद
घटना 22 मार्च की रात में हुई। अगले दिन पुलिस ने सभी आरोपियों को पकड़ लिया और जेल भेज दिए। पुलिस केवल तीन बाइक बरामद की है। पुलिस अभी यह स्पष्ट नहीं कर सकी है कि आरोपी कितनी बाइकों पर सवार होकर पहुंचे थे।
पीड़िता भागी तो आरोपी भी भागे थे
घटना के दौरान पीड़िता मौके से भाग खड़ी हुई थी। उस समय बाग में चार आरोपी थे। पीड़िता को भागते देखकर वह भी भाग निकले थे और उन्हें देखकर बाग में इधर-उधर मौजूद आधा दर्जन आरोपी भी भाग पड़े थे। पुलिस का कहना है कि आधा दर्जन युवकों में घटना स्थल के पास पंचर सही करने की दुकान करने वाले दो युवक भी है। एक आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह तो पीड़ित पक्ष की मदद कर रहा था।
पुलिस मुख्यालय ने ली जानकारी
यह घटना 22 मार्च की रात दिल्ली-देहरादून हाईवे किनारे बाग में हुई। 23 मार्च को पुलिस चुपचाप इस मामले में कार्रवाई में जुटी रही। 24 मार्च को एक के बाद आठ आरोपियों के पकड़े जाने के बाद मामला खुल गया। मामला मीडिया की सुर्खियां बना तो शुक्रवार को प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने मामले की जानकारी ली। यह बात दीगर है कि सभी आरोपी पकड़ लिए गए लेकिन, घटना की दहशत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में फैली है।
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मुकदमे के अनुसार दिए बयान, डीएनए प्रयोगशाला भेजा
नई मंडी कोतवाली प्रभारी पंकज पंत ने बताया कि दुष्कर्म की पीड़िता के कोर्ट में शुक्रवार को बयान दर्ज कराए गए थे। पीड़िता ने दर्ज कराए मुकदमे के अनुसार ही कोर्ट में बयान दिए हैं। सभी युवकों को आरोप के अनुसार दोषी ठहराया है। इसके अलावा सभी आरोपियों व पीड़िता का ब्लड, नाखून, कपड़े आदि डीएनए के लिए थे। इन सभी को प्रयोगशाला भेजा गया है।
शुक्रवार को पीड़िता के कोर्ट में बयान दर्ज कराए है। पीड़िता ने एफआइआर में लिखाए आरोपों को सही बताया। डीएनए की कार्रवाई शुरू कर पीड़िता और चारों आरोपियों के सैंपल भेजे गए हैं। शनिवार को पीड़िता के कपड़े डीएनए की कार्रवाई के लिए लेकर प्रयोगशाला भेजे गए।
- अर्पित विजय वर्गीय, एसपी सिटी