मोरना। नोटबंदी के एक माह बाद भी ब्लाक मोरना क्षेत्र के लगभग डेढ़ दर्जन से अधिक बैंकों की शाखाओं और एक दर्जन एटीएम मशीन के बाहर लगने वाली ग्राहकों की लंबी लाइन कम होने का नाम नहीं ले रही है।
हालात यह है कि सर्दी के मौसम में ग्रामीण ग्राहक सुबह सवेरे बैंक के बंद गेट के आगे लाइन लगाकर बैठ जाते हैं। जिनमें महिलाए भी शामिल होती हैं। बैंक विहीन गांवों के ग्रामीण कैश निकालने की उम्मीद में भोपा, मोरना, भोकरहेड़ी, ककरौली, तिस्सा, बेहड़ा सादात, चौरावाला, सिकंदरपुर, शुक्रताल स्थित बैंकों में पहुंचते हैं और लाइन में लगे रहते हैं। बैंक से पैसा निकाल कर जरूरी सामान की खरीदारी करने की उम्मीद पर ग्रामीण ग्राहक आते हैं, लेकिन लंबी लाइन में शाम तक खड़े रहे के बाद पांच बजे बैंक बंद हो जाते हैं।
जिस कारण कुछ ग्रामीणों की बैंक के अंदर एंट्री तक नहीं होती। जिस कारण वे ग्रामीण खाली हाथ घर लौट जाते हैं। शुगर मिलों द्वारा किए गए गन्ने का भुगतान लेने के लिए किसान को पूरा-पूरा दिन लाइन में लगने के बाद भी उसे पूरा पैसा नहीं मिल पा रहा है।
जानसठ। नगर के एसबीआई बैंक में बृहस्पतिवार की सुबह बैंक खुलने से पहले ही ग्राहकों की लंबी लाइन लग गई थी। दस बजे बैंक खुले तो, ग्राहकों के बीच आपाधापी मच गई। पुलिस ने बामुश्किल ग्राहकों को समझा बुझाकर स्थिति को संभाला। इसके अलावा पंजाब नेशनल बैंक और सर्वयूपी ग्रामीण बैंक में दोपहर बाद कर्मचारियों ने कैश देना शुरू किया।
लेट कैश देने पर ग्राहकों को परेशानियां उठानी पड़ी। नगर में मात्र एसबीआई का ही एटीएम चालू रहा, जबकि अन्य तीन एटीएम मशीन बंद रही। जिनमें कैश नहीं डाला गया। जिस कारण एसबीआई के एटीएम पर देर शाम तक भी लंबी लाइन लगी रही।
खतौली। जीटी रोड स्थित एसबीआई शाखा पर सुबह बैंक से लेकर रोड तक लंबी लाइन लग गई। लाइन में धक्कामुक्की होने से ग्राहकों को परेशानियां झेलनी पड़ी। पंजाब नेशनल बैंक के कर्मचारियों ने दोपहर बाद कैश देने शुरू किया। इतना ग्राहक बाहर लाइन में ठंड होने के बावजूद खड़े रहे। भूड़ और एसबीआई के एटीएम मशीन पर 2000 का नोट निकालने के लिए लंबी लाइन लगी रही। लंबी लाइनों में लगे ग्राहकों को परेशानियां उठानी पड़ रही है।