संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। शहर की सड़कें अवैध होर्डिंग्स से पटी पड़ी हैं। हाईवे से लेकर मुख्य मार्ग और चौराहों पर व्यक्तिगत होर्डिंग्स पोल यानी आइएचपी सहित यूनीपोल की भरमार है। पालिका की ओर से शहर में केवल 41 आइएचपी को स्वीकृति दी गई है। जबकि भोपा मार्ग और विश्वकर्मा चौक के आसपास ही 100 से अधिक लगे हैं।
विज्ञापन पट शुल्क से आने वाली धनराशि निकायों की आय का प्रमुख स्रोत मानी जाती है। नगर पालिका परिषद कर विभाग में 22 विज्ञापन एजेंसियां पंजीकृत हैं। शहर भर में विज्ञापन पट यानी होर्डिंग्स, यूनीपोल, आईएचपी और एलईडी लगाने के लिए नियमानुसार स्वीकृति लेने का प्रावधान है।
नगर पालिका कर विभाग की ओर से 22 विज्ञापन एजेंसियों को 610 होर्डिंग्स लगाने की अनुमति दी गई है। जबकि 150 यूनीपोल, 41 आइएचपी और दो एलईडी के लिए भी नियमानुसार शुल्क जमा कराया गया है। शहर के 30 सरकारी और 19 निजी भवनों पर होर्डिंग्स आदि लगाने की अनुमति है। अनुमति से अलग भी सैकड़ों निजी भवनों पर भारी-भरकम होर्डिंग्स लगे हैं।
ईओ डॉ.प्रज्ञा सिंह का कहना है कि सर्वे कराकर अवैध होर्डिंग्स चिह्नित किए जाएंगे। उसके पश्चात सभी अवैध होर्डिंग्स को जब्त कर लिया जाएगा।
शहर के विश्वकर्मा चौक पर लगे आईएचपी। संवाद