मुजफ्फरनगर। यूपी ग्रामीण बैंक की बुढ़ाना शाखा के खातों में हेरा-फेरी कर रकम निकालने का आरोप उपभोक्ताओं ने लगाया है। शनिवार को 25 ग्राहकों ने एक करोड़ रुपये का चूना लगाए जाने की शिकायत बैंक अधिकारियों से की। क्षेत्रीय कार्यालय की टीम की शुरुआती जांच में गड़बड़ी मिली है।
पूर्व प्रबंधक रूपक राणा समेत दो कर्मचारियों को निलंबित किए जाने की संस्तुति लखनऊ मुख्यालय पर की गई है। जांच के रडार पर बैंक के सभी कर्मचारी हैं। जांच जारी है लेकिन सोमवार को शिकायतों की संख्या और बढ़ने की संभावना है।
बैंक ऑफ बड़ौदा से संबद्ध ग्रामीण बैंक की बुढ़ाना शाखा के प्रबंधक रूपल राणा का दो दिन पहले अलमासपुर तबादला कर नया प्रबंधक विभव कुमार को बनाया गया था। शनिवार को नए प्रबंधक के सामने बचत और केसीसी खातों से रुपये निकाले जाने की शिकायतें पहुंचनी शुरू हुई। विभव कुमार ने इसके बाद क्षेत्रीय कार्यालय मुजफ्फरनगर के आरएम यूसुफ खान को मामले की जानकारी दी।
उन्होंने उप क्षेत्रीय प्रबंधक नवदीप सिंह समेत चार सदस्यों और आईटी विशेषज्ञों की टीम बुढ़ाना भेजी। इस दौरान बड़कता, नगवा, बड़ौदा और बुढ़ाना के उपभोक्ताओं भी शाखा पर पहुंच गए। आरएम ने शिकायतें मिलने की पुष्टि की है। उनका कहना है कि कुछ गड़बड़ी मिली है लेकिन धनराशि के विषय में अभी स्पष्ट तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता। धनराशि कितनी है, यह जांच का विषय है। पूर्व प्रबंधक समेत दो कर्मचारियों के निलंबन की संस्तुति कर दी गई है। आरोपी प्रबंधक राणा बागपत के दाहा गांव का रहने वाला है।
इस तरह ग्राहकों के साथ हुई धोखाधड़ी
बुढ़ाना तहसील स्तरीय शाखा में कस्बे के अलावा छह गांव के पांच हजार बैंक खाते हैं। रोजाना 20 लाख रुपये का लेन-देन होने का अनुमान है। ग्राहकों के बचत खाते से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से धोखाधड़ी की गई है। इसके अलावा केसीसी खातों से रुपये गायब हैं।