- शहर से लेकर देहात क्षेत्र तक बिजली आपूर्ति भी गड़बड़ाई
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। मंगलवार को करीब चार घंटे में 20.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। जुलाई माह में अब तक 58.3 मिमी बरसात हुई है। शहर में कई जगह जलभराव रहा। बिजली कटों के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। एसडीएम जानसठ रश्मि लांबा ने खादर क्षेत्र का भ्रमण किया। गंगा बैराज पर पानी बढ़ने से बाढ़ चौकियां अलर्ट की गई हैं।
सुबह करीब 11 बजे से झमाझम बारिश शुरू हुई। आम जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। सड़कों और बाजारों में आवाजाही थम गई। शाम तीन बजे तक बारिश होती रही। इसके बाद आसमान में बादल छाए रहे। मौसम विज्ञान विभाग ने बुधवार को भी बारिश का अनुमान जताया है।
जानसठ एसडीएम ने बारिश के बाद गंगा बैराज और खादर क्षेत्र के बाढ़ संभावित इलाकों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा के लिए बाढ़ चौकियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रभारियों और कर्मचारियों को प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने के लिए भी कहा। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश से गंगा बैराज का जल स्तर बढ़ रहा है। एसडीएम ने सीओ भोपा लक्ष्मण सिंह के साथ कांवड़ यात्रा के लिए भोपा से जटवाड़ा गांव तक की सड़कों का निरीक्षण भी किया।
इनसेट
जुलाई में किस दिन कितनी बारिश
तिथि बरसात
07 जुलाई 20.8 मिमी
05 जुलाई 9.0 मिमी
04 जुलाई 5.4 मिमी
01 जुलाई 23.1 मिमी
नाले की सफाई कराकर हाईवे से निकलवाया पानी
मुजफ्फरनगर। डीएम उमेश मिश्रा के निर्देश पर तहसील सदर क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग पर जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई। इससे आवागमन प्रभावित हो रहा था और दुर्घटना का खतरा बन रहा था। तहसीलदार सदर राधेश्याम गोंड अपनी राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने संबंधित विभागों के समन्वय से जल निकासी की व्यवस्था कराई। राष्ट्रीय राजमार्ग से पानी शीघ्रता से निकाला गया। जल निकासी को सुचारु बनाए रखने के लिए नाले की जेसीबी मशीन से सफाई भी कराई गई। नाले से गाद, मिट्टी और अन्य अवरोध हटाए गए, जिससे भविष्य में जलभराव की संभावना कम हो सके। तहसीलदार सदर ने अधिकारियों को जल निकासी पर निगरानी रखने के निर्देश दिए। ब्यूरो
भोकरहेड़ी में जलभराव से लोग परेशान
फोटो समाचार
मोरना। नगर पंचायत भोकरहेड़ी में बारिश के बाद गलियां और मुख्य सड़कें जलमग्न हो गई हैं। जगह-जगह गंदा पानी भरा हुआ है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से जल निकासी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
भाजपा नामित सभासद संजीव कश्यप ने कहा कि नगर पंचायत ने मूलभूत समस्याओं के समाधान के बजाय प्रचार पर अधिक ध्यान दिया है। भोकरहेड़ी मजलिसपुर तोफिर मार्ग पर भी पानी भरा है। अभिभावकों ने गंदगी और दूषित पानी से बच्चों में त्वचा रोग, बुखार और संक्रमण का खतरा बढ़ने की चिंता जताई। अधिशासी अधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि जल्द ही बोर्ड बैठक होगी। अस्थायी समाधान के लिए टुल्लू पंप से पानी निकाला जाएगा। स्थायी समाधान पर योजना बनाई जाएगी। संवाद
बरसात में गन्ने और बेल वाली फसलों के लिए कृषि वैज्ञानिकों की सलाह
बुढ़ाना मोड़। कृषि विज्ञान केंद्र बघरा के वैज्ञानिक वीरेंद्र सिंह ने बरसात के मौसम में किसानों को गन्ने और बेल वाली फसलों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि किसान गन्ने की फसल को कीटों से बचाने के लिए कीटनाशक का छिड़काव मौसम साफ होने पर ही करें।
यदि मौसम साफ न हो तो दानेदार कीटनाशक का प्रयोग किया जा सकता है। बेल वाली फसलों में जड़ों के पास पानी जमा न होने दें और जल निकासी का उचित प्रबंध करें। वीरेंद्र सिंह ने बताया कि यदि गन्ने की पेड़ी फसल बंधाई के लिए तैयार है, तो उसकी बंधाई अवश्य करें। ऐसा न करने पर हवा के कारण फसल गिरने की संभावना रहती है। संवाद