जिला कारागार में ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों द्वारा लापरवाही बरतने की शिकायत पर जेल अधीक्षक ने बृहस्पतिवार को कर्मचारियों की चेकिंग की। इस दौरान चार होमगार्डों के सोते मिलने पर अधीक्षक ने उनके खिलाफ कार्रवाई कर दी है। चारों का एक दिन का वेतन काटा जाएगा और उनके कमांडेंट को पत्र लिखकर उनकी लापरवाही बताई गई है।
जेल अधीक्षक राकेश सिंह को शिकायत मिल रही थी कि जेल के कुछ कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर लापरवाही बरत रहे हैं। शिकायत पर अधीक्षक ने बृहस्पतिवार दोपहर जेल में कई जगहों पर छापे मारे। इस दौरान जेल की बाउंड्री के पास चार होमगार्ड सोते हुए मिले।
राकेश सिंह ने तीनों को तलब कर उनकी रजिस्टर में गैरहाजिरी लगाई और एक दिन का वेतन काटने का आदेश दिया। अधीक्षक ने बताया कि चारों के खिलाफ उनके कमांडेंट का पत्र लिखकर उनकी शिकायत की जाएगी। जेल अधीक्षक द्वारा अचानक छापा मारने से कारागार के कर्मचारियों में अफरा-तफरी मची रही।
जैमर के लिए जेल को मिला नया जनरेटर
जैमर लगने के बाद लाइट भागने पर जेल से फोन चलने की लगातार मिल रही शिकायतों पर शासन ने जेल में बिजली नहीं भागने का प्रबंध किया है। व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए शासन ने जेल में 15 केवी का जनरेटर भेजा है। इसके आने से अब जेल में 24 घंटे बिजली रहने से फोन पर चलने पर लगाम लगेगी।
जिला कारागार में पांच माह पूर्व सवा तीन करोड़ की लागत से छह जैमर लगाए गए थे। शासन को लगा था कि अब फोन चलने बंद हो जाएंगे, लेकिन बंदियों ने बिजली जाने पर फोन चालू रखने शुरू कर दिए थे। जैमर के बाद फोन चलने की शिकायत पर जेल अधीक्षक राकेश सिंह ने शासन को पत्र लिखकर एक जनरेटर की मांग की थी।
शासन ने बुधवार को 15 केवी का जनरेटर कारागार में पहुंचा दिया है। राकेश सिंह ने बताया कि जनरेटर ऑटोमैटिक है। लाइट जाते ही वह स्वयं स्टार्ट होकर चलने लगेगा, जिससे जेल को 24 घंटे आपूर्ति मिलने से जैमर की मशीनें एक्टिव रहेंगी, जिससे फोन पूरी तरह से लगाम लगेगी।