मुजफ्फरनगर। लोकसभा चुनाव 2014 के मतदान के बाद सोरम में बसपा कार्यकर्ता राजकुमार की हत्या में चार आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया गया।
अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/विशेष न्यायालय एससी/एसटी एक्ट के पीठासीन अधिकारी अशोक कुमार ने फैसला सुनाया।
शाहपुर थाना क्षेत्र के सोरम गांव में दस साल पहले मतदान के दौरान भाजपा और बसपा के समर्थकों के बीच तनाव बन गया था। मतदान के बाद बसपा कार्यकर्ता अनुसूचित जाति के राजकुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वादी ने गांव के ही सुशील, कपिल और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने जांच में दोनों आरोपियों को क्लीन चिट दी। इसके बाद गांव के ही मोनू, रकमपाल और राजीव के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।
पुलिस ने जिन दो आरोपियों को क्लीन चिट दी थी, बचाव पक्ष के प्रार्थनापत्र पर अदालत ने उन्हें भी तलब कर लिया था। प्रकरण में पांच आरोपियों के खिलाफ सुनवाई हुई। ट्रायल के दौरान मोनू की मौत हो गई। अदालत ने साक्ष्य के अभाव में अन्य चारों आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया।ग
शामली कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते बसपा कार्यकर्ता । संवाद