फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बल्लेबाजी में सुनील गावस्कर का कोई तोड़ नहीं - एसके बंसल

Thu, 04 Jan 2018 12:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
विज्ञापन
पूर्व अंतरराष्ट्रीय एंपायर एसके बंसल। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
पूर्व अंतरराष्ट्रीय अंपायर एसके बंसल ने कहा कि वर्तमान समय में आधुनिक तौर तरीकों पर किक्रेट बदल रहा है। पहले के मुकाबले अब अंपायरिंग काफी आसान हो गई है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट में पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर की बल्लेबाजी का कोई तोड़ नहीं है। वर्ष 2001 के बाद भारतीय टीम का स्वर्णिम काल शुरू हुआ था, जो अब शिखर पर पहुंच गया है। मौजूदा समय में भारत के पास पुजारा उम्दा बल्लेबाज है। 
विज्ञापन


मुजफ्फरनगर के चौधरी चरण सिंह स्पोर्ट्स स्टेडियम में चल रही कूच बिहार ट्रॉफी अंडर-19 के मैच में बतौर मेहमान पहुंचे पूर्व अंतरराष्ट्रीय अंपायर श्याम कुमार बंसल ने क्रिकेट, अंपायर और खिलाड़ियों पर खुलकर बातचीत की। उन्होंने कहा कि भारत का श्रेष्ठ क्रिकेट मैदान कोलकाता का ईडन गार्डन है।

उन्होंने वर्ष 1980 से 2001 तक 32 एक दिवसीय, छह टेस्ट मैच में अंपायर की भूमिका निभाई है। दिलचस्प यह है कि सभी टेस्टा मैच में भारतीय टीम खेली है, जिनमें उसे जीत मिली। उन्होंने बताया कि वर्ष 2001 के बाद टीम इंडिया का भविष्य बदला और धीरे-धीरे शीर्ष की ओर बढ़ी, जो आज नंबर वन टीम है।
विज्ञापन


क्रिकेट जगत में पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर जैसी बल्लेबाजी अभी तक कोई नहीं कर सका है। वर्ष 1990 के दशक में बॉलर भी सबसे बेहतर थे, सबसे अधिक गेंदबाजों की श्रृंखला वेस्टइंडीज के पास थी। उस दौर में भारतीय टीम के दिग्गज अजहरुद्दीन, कपिलदेव, सुनील गावस्कर, नारी कांटेक्ट्रर, अजीत वाडेकर, बिशन सिंह बेदी और सचिन तेेंदुलकर, सौरव गांगुली जैसे बल्लेबाज भी क्रीज में ज्यादा नहीं टिक पाते थे।

अबके बल्लेबाजों में मैदान का वह साहस दिखाने की क्षमता कम ही नजर आती है। उस दौर में गेंदबाज अधिक खतरनाक होते थे। पूर्व अंपायर ने खिलाड़ियों की तुलना करने से परहेज किया, लेकिन इतना ही कहा कि सौरव गांगुली युग के बाद टीम इंडिया में बदलाव शुरू हुआ है। आस्ट्रेलिया की क्रिकेट पर बादशाहत खत्म करने में गांगुली का बड़ा योगदान रहा है।

हालांकि वर्तमान में क्रिकेट काफी बदल गया है। अंपायरिंग में भी कई स्तर पर निर्णय होते हैं। पहले ऐसा नहीं था, फील्ड अंपायर का निर्णय अंतिम था। अब आधुनिकीकरण हुआ है। एसके बंसल ने कहा कि वर्तमान मौजूद भारतीय टीम में चेतेश्वर पुजारा उम्दा बल्लेबाज है। बोले कि युवाओं के लिए अंपायरिंग में भी बेहतर भविष्य बनाने के विकल्प हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें