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वन विभाग ने जीव जंतुओं के अवशेष बरामद किए

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गंगा खादर में बाहरसिंघा के अवशेष को बरामद करती वन विभाग की टीम। - फोटो : KHATAULI
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मोरना (मुजफ्फरनगर)। गंगा खादर में शिकार किए गए वन्य जीवों के अवशेषों को आखिरकार वन विभाग की टीम ने बरामद कर लिया है। उधर, राजस्व विभाग की टीम ने मुजफ्फरनगर के गंगा खादर के गांव शिवपुरी का सीमांकन जिला बिजनौर सीमा पर निर्धारित कर दिया है। राजस्व विभाग टीम की कार्रवाई से भूमाफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासन की इस कार्रवाई से गोचर भूमि संरक्षित हो जाने की उम्मीद को बल मिला है।
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मुजफ्फरनगर के शुकतीर्थ बिहारगढ़ गांव के गंगा खादर में जिला बिजनौर की सीमा पर गोचर की हजारों बीघा जमीन की जुताई कर अवैध कब्जा कर लिया गया था। वहीं, रात के अंधेरे में वन्य जीवों का शिकार कर उनके अंगों की तस्करी का खेल खेला जा रहा था। अमर उजाला टीम ने गंगा खादर क्षेत्र में वन्य जीवों के शिकार का मामला प्रमुखता से प्रकाशित किया। जिस पर दो दिनों तक वन दरोगा शबी हैदर, कर्मचारी रोहित काला आदि ने बारहसिंघा के अवशेष बरामद कर लिए हैं। वन विभाग की टीम ने बरामद अवशेषों को शुकतीर्थ वन रेंज कार्यालय ले जाकर मालखाने में जमा कराया। वन रेंजर सिंह राज सिंह पुण्डीर ने बताया कि जिला बिजनौर की सीमा क्षेत्र की भूमि से बारहसिंघा के अवशेष का बरामद किया गया है। आला अधिकारियों को मामले से अवगत कराकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उधर, जानसठ तहसील के कानूनगो ऋषिपाल राठी के नेतृत्व में लेखपाल पंकज सिंह, सर्वे लेखपाल पंकज धामा आदि ने गंगा खादर में जिला मुजफ्फरनगर के गांव बिहारगढ़ से गैर आबाद गांव शिवपुरी का सीमांकन कर लिया है। इसके बाद अखाखेड़ी, नरुलापुर, धारीवाला, रणजीतपुर आदि गंगा खादर क्षेत्र के गैर आबाद गांवों का सीमांकन कर निशानदेही के लिए खंभे लगा दिए हैं।
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कोट -
जिला वनाधिकारी सूरजपाल ने बताया कि वन विभाग की टीम द्वारा जिला बिजनौर की सीमा क्षेत्र से बारहसिंघा के अवशेषों को बरामद किया है। अवशेषों को जिला वन विभाग बिजनौर को हैंड ओवर कराकर वन विभाग लखनऊ कार्यालय को आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के लिए लिखित में जानकारी भेजी जाएगी। अगर हमारे वन क्षेत्र का मामला निकलता है, तो आरोपियों के विरुद्ध जांच कराकर मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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