रतनपुरी क्षेत्र में कोल्हू में काम करता श्रमिक।
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पहली बार जून के दूसरे सप्ताह में भी चल रहे कोल्हू
मुजफ्फरनगर। देश भर में गुड़ की डिमांड को देखते हुए इस बार जनपद में जून माह के दूसरे सप्ताह में भी गुड़ बन रहा है। अमूमन 15 मई तक गुड़ का सीजन चलता है, लेकिन इस बार गन्ने का अधिक उत्पादन होने के कारण कोल्हुओं को अभी तक आसानी से गन्ना मिल रहा है। कोल्हू संचालक और मंडी व्यापारी भी लाभ में हैं।
एक जनपद-एक उत्पाद में मुजफ्फरनगर का गुड़ शामिल है। महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में गुड़ का कम उत्पादन होने के कारण गुड़ के केंद्र में एशिया की सबसे बड़ी गुड़ मंडी मुजफ्फरनगर आ गई है। यहां के गुड़ के दाम भी बढ़ गए हैं। दामों में चीनी को गुड़ ने 500 रुपये क्विंटल पीछे छोड़ दिया है।
रतनपुरी क्षेत्र के गांव समौली निवासी कोल्हू संचालक विपिन कुमार का कहना है कि हम लोगों को अभी तक गन्ना आसानी से मिल रहा है और मंडी में गुड़ के अच्छे दाम मिल रहे हैं। यही कारण है कि इस बार सीजन अब तक चल रहा है। रतनपुरी में ही कोल्हू चलाने वाले मदन सिंह कहते हैं कि फिलहाल गन्ना 280 से 300 रुपये क्विंटल तक मिल रहा है। वह 15 साल से कोल्हू चला रहे हैं, पहली बार इस मौसम में भी गन्ना मिल पा रहा है। भोपा क्षेत्र में अभी भी बड़ी संख्या में कोल्हू चल रहे हैं। गांव सिकंदरपुर के योगेश सिवाच का कहना है कि इस बार लगातार बारिश से गुड़ का सीजन प्रभावित हुआ था, लेकिन सीजन के आखिर में अच्छे दाम मिलने से कोल्हू संचालक फायदे में हैं।
पहली बार चलेगा इतना लंबा सीजन
दि गुड़ खांडसारी मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय मित्तल का कहना हैं कि उनकी याद में पहली बार गुड़ का इतना लंबा सीजन चलेगा। गत वर्ष चार जून तक मंडी में गुड़ आया था। इस बार यह 20 जून तक आ सकता है। गुड़ बनाने वाले कोल्हू संचालक और मंडी के व्यापारी दोनो ही मुनाफे में हैं।