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कोराना वायरस के आगे दम तोड़ गई खुशियां

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जानसठ में फूलों की खेती करने वाला किसान राजपाल सैनी। - फोटो : KHATAULI
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कोराना वायरस के आगे दम तोड़ गई खुशियां
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जानसठ (मुजफ्फरनगर)। फूलों की खेती से महकने वाली किसानों की खुशियां कोरोना वायरस के आगे दम तोड़ गई। लॉकडाउन से दिल्ली की सबसे बड़ी आजादपुर मंडी के बंद होने से किसान अपने खेतों से फूलों को तोड़कर फेंकने को मजबूर हो गए हैं। गेंदा के फूलों के अलावा चमेली और जाफरीन के फूल भी खेतों में सूख रहे हैं। फूलों की खेती बर्बाद होने से किसानों को काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है। हालांकि रजनीगंधा की खेती इस माह मार्च में बुवाई होने की वजह से बच गई है।
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जनपद में जानसठ, खतौली, मीरापुर क्षेत्र के काफी किसान फूलों की खेती करते हैं। फूलों की खेती करने वाले जानसठ के किसान महिपाल सैनी का कहना है कि गेंदा, जाफरीन व चमेली बहुत ही उपयोगी एवं आसानी से उगाए जाने वाले फूलों के पौधे हैं। इन फूलों की खेती में कम समय में अधिक मुनाफा होता है। एक बीघे के दौरान दो से तीन हजार रुपये की लागत का खर्च आता है। इसलिए किसान अपनी आय बढ़ाने के लिए फूलों की खेती करते हैं। दिल्ली की सबसे बड़ी आजादपुर मंडी में फूल बिकता है। किसान फूलों को आजादपुर मंडी में ले जाते हैं। इस समय गेंदा, जाफरीन व चमेली के फूलों की खेती का समय चल रहा है। शादी विवाह भी होते, नवरात्र चल रहै, किसानों को अच्छी आय की उम्मीद थी, मगर कोरोना वायरस के कारण किसानों की खुशियों को नजर लग गई। देशव्यापी लॉकडाउन होने से दिल्ली आजादपुर की मंडी बंद हो चुकी है, जिससे फूलों की खेती बर्बाद हो गई है। खेतों में खड़े पौधों पर लगे फूल सूखने लगे हैं। खेती को बचाने के लिए किसान फूलों को तोड़कर फेंक रहे हैं।
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