जिले की पांच चीनी मिलों ने किया पूरा बकाया भुगतान
मुजफ्फरनगर। किसानों का बीते सत्र का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान करने में जिला प्रदेश में पहले स्थान पर पहुंच गया है। जिले की पांच चीनी मिलों ने पिछले वर्ष का पूरा बकाया भुगतान कर दिया है। जिले में किसानों को बीते सत्र का 95.26 प्रतिशत भुगतान हो चुका है। प्रदेश में कुल 119 चीनी मिल हैं, जिनमें से अब तक केवल 18 शुगर मिल ही पिछले वर्ष का पूर्ण भुगतान कर पाई हैं। हालांकि अभी तीन चीनी मिलों पर 161 करोड़ रुपये बकाया है।
वर्ष 2019-20 के सत्र में जिले में रिकार्ड गन्ना उत्पादन और रिकार्ड खरीद हुई। जनपद के इतिहास में पहली बार जून तक चीनी मिलें चलीं। जनपद की सभी आठ चीनी मिलों ने किसानों से तीन हजार 402 करोड़ 93 लाख का गन्ना खरीदा। चीनी मिलें अब तक तीन हजार 241 करोड़ 55 लाख का भुगतान कर चुकी हैं। किसानों को 95.26 प्रतिशत भुगतान हो गया है। तीन चीनी मिलों पर किसानों का अभी 161 करोड़ बकाया है। सबसे ज्यादा बकाया भैसाना चीनी मिल पर 118 करोड़ है। इसके बाद मोरना पर 26 करोड़ 62 लाख और खाईखेड़ी पर 16 करोड़ एक लाख बकाया है। प्रदेश में अब तक 18 चीनी मिलें पूरा भुगतान कर चुकी हैं, जिनमें जिले की पांच चीनी मिलें शामिल हैं।
सरकारी चीनी मिल फिसड्डी
मुजफ्फरनगर। जिले में पांचों निजी क्षेत्र की चीनी मिलों ने पूरा भुगतान किसानों को किया है। सहकारी चीनी मिल मोरना अब तक केवल 84 प्रतिशत भुगतान ही कर पाई है। इससे ज्यादा बकाया केवल भैंसाना पर है, जो केवल 75 प्रतिशत भुगतान कर पाई है।
चीनी मिल गन्ना खरीद बकाया
खतौली 793 करोड़ रुपये- शून्य
तितावी 557 करोड़ रुपये शून्य
टिकौला 571 करोड़ रुपये शून्य
रोहाना 110 करोड़ रुपये शून्य
मंसूरपुर 506 करोड़ रुपये शून्य
भैसाना 475 करोड़ 118 करोड़
मोरना 166 करोड़ 26 करोड़
खाईखेड़ी 222 करोड़- 16 करोड़
दो चीनी मिलें शीघ्र निपटाएंगी बकाया
मुजफ्फरनगर। जिला गन्ना अधिकारी डॉ आरडी द्विवेदी ने बताया कि जिले की दो चीनी मिलें मोरना और खाईखेड़ी भी जल्द ही बकाया गन्ना भुगतान देंगी। केवल एक चीनी मिल भैसाना पर बकाया रह जाएगा। इसके भुगतान में भी तेजी लाई जा रही है।