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धनबीर हत्याकांड का खुलासा

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शहर कोतवाली में हत्यारोपियों की जानकारी देते पुलिस अधिकारी। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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पांच लाख की सुपारी देकर कराई गई थी हत्या
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मुजफ्फरनगर। शहर कोतवाली पुलिस ने मोहल्ला रामपुरी निवासी धनबीर हत्याकांड का खुलासा कर दिया। पुलिस ने उसके साढ़ू समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी साढ़ू का धनबीर की पत्नी से मिलना जुलना था, जिसका वह विरोध करता था। इसे लेकर धनबीर से वह रंजिश रखता था। इसी रंजिश में धनबीर की हत्या पांच लाख की सुपारी देकर कराई गई थी।
शहर कोतवाली क्षेत्र के रामपुरी गेट के निकट स्थित कूड़ाघर के निकट 18 जनवरी को दिव्यांग की लाश मिली थी, जिसकी शनाख्त मूल रूप से गांव बिजोपुरा व हाल निवासी रामपुरी धनबीर पुत्र पीतम सिंह के रूप में हुई थी। पुलिस घटना को हादसा मान रही थी। वारदात के अगले दिन धनबीर के भाई सतीश ने हत्या कर शव फेंके जाने का आरोप लगाते हुए अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शनिवार को शहर कोतवाली में प्रेसवार्ता करते हुए सीओ सिटी हरीश सिंह भदौरिया ने बताया कि पुलिस ने शक के आधार पर धनबीर के साढ़ू ब्रजपाल निवासी खेड़ी टप्पा, थाना दौराला मेरठ को गिरफ्तार किया। पूछताछ में ब्रजपाल ने धनबीर की हत्या का खुलासा किया, जिसके बाद आकाश निवासी देवलोक, ट्रांसपोर्टनगर मेरठ, राजू निवासी जयसिंह पुर थाना मवाना मेरठ और गजेंद्र उर्फ भूरा निवासी गांव सलारपुर, थाना सिंभावली हापुड़ को भी वहलना कट से गिरफ्तार कर लिया गया। सीओ सिटी ने बताया कि ब्रजपाल का धनबीर की पत्नी के पास आना-जाना था, जिसका धनबीर विरोध करता था और ब्रजपाल को टोंटा कहकर चिढ़ाता भी था। इसी के चलते ब्रजपाल ने साजिश के तहत अपने साथियों से धनबीर की हत्या कराई थी। हत्यारोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट कार, हत्या में इस्तेमाल किया गया मफलर, धनबीर की पासबुक, विकलांग प्रमाण-पत्र और आधार कार्ड भी बरामद कर लिया गया है।
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शराब पिलाने के बाद चलती कार में की गई हत्या
मुजफ्फरनगर। इंस्पेक्टर शहर कोतवाली अनिल कपरवान ने बताया कि हत्यारोपी गजेंद्र उर्फ भूरा, आकाश व राजू 17 जनवरी की शाम स्विफ्ट मे मेरठ से मुजफ्फरनगर पहुंचे। यहां उन्होंने धनबीर को बहाने से बुला लिया और कार में बैठाकर कहीं अन्यत्र ले गए। कार में ही आरोपियों ने धनबीर को शराब पिलाई और नशे में होने के बाद मफलर से गला घोंटकर चलती कार में ही उसकी हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी देर रात शव को रामपुरी गेट के पास सड़क किनारे फेंककर फरार हो गए। शव को जान बूझकर इस तरह फेंका गया कि प्रथम दृष्टया वह हादसा लगा। हालांकि जांच के बाद धनबीर की हत्या का खुलासा हो गया। इंस्पेक्टर ने बताया कि गजेंद्र उर्फ भूरा अपराधी किस्म का है, जिसके खिलाफ विभिन्न थानों में आधा दर्जन मुकदमे दर्ज हैं।
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50 हजार पेशगी में दिए थे
मुजफ्फरनगर। शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला रामपुरी निवासी दिव्यांग धनबीर पुत्र पीतम सिंह की हत्या पांच लाख की सुपारी देकर कराई गई थी। एसटीएफ मेरठ ने शनिवार शाम जारी बयान में बताया कि उन्हें सुपारी लेकर हत्या करने वाले गिरोह की सूचना मिली थी, जिसके बाद कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों गजेंद्र उर्फ भूरा, आकाश, राजू व ब्रजपाल को वहलना कट से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया था कि रंजिश के चलते ब्रजपाल धनबीर को रास्ते से हटाना चाहता था, जिसके लिए उसने धनबीर की हत्या के लिए पांच लाख की सुपारी दी थी। इनमें से 50 हजार रुपये पेशगी दिए गए थे। सुपारी लेने के बाद सुनियोजित तरीके से ब्रजपाल ने आरोपियों की धनबीर से मुलाकात कराई, जिसके बाद 17 जनवरी की शाम आरोपियों ने उसकी चलती गाड़ी में मफलर से गला घोंटकर हत्या करने के बाद शव को रुड़की रोड पर फेंक दिया था। एसटीएफ टीम में प्रभारी मेरठ बृजेश कुमार सिंह, एसआई सुनील कुमार, हेड कांस्टेबल रकम सिंह व रवि कुमार और कांस्टेबल विकास धामा व दीपक कुमार शामिल रहे।
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