मुजफ्फरनगर में समाजवादी पार्टी से अनुशासन गायब हो गया है। बड़े-छोटे नेता का फर्क खत्म हो गया है। पूर्व जिलाध्यक्ष का पुतला फूंककर अनुशासनहीनता करने वालों पर कार्रवाई हो जाती तो आज की घटना न होती। मंच पर बैठे सपा नेताओं को बवाल के बाद शर्मसार ही नहीं होना पड़ा, भागकर जान भी बचानी पड़ी।
रविवार को सपा कार्यालय का बवाल अनुशासनहीनता का सबसे बड़ा उदाहरण है। छात्र नेता अनस को माइक पर बोलने से रोकने पर राशिद सिद्दीकी ने अनुशासनहीनता की। अनस ने राशिद को थप्पड जड़कर उससे ज्यादा अनुशासनहीनता कर डाली।
अनुशासनहीनता की पराकाष्ठा उस समय हो गई जब राशिद मंच से उतरकर मारपीट के लिए सीधे मैदान में आ गया। सड़क पर जिस तरह लात-घूंसे और पत्थर चले इससे सपा की जमकर किरकिरी हुई। लड़ाई रोकने का प्रयास करने वाले बुजुर्ग सपा नेता हामिद कस्सार की राशिद ने जिस तरह पिटाई की इससे मंच पर बैठे वरिष्ठ सपाई शर्मसार हो गए।
इससे पहले सपा की मासिक बैठक में राशिद समर्थकों ने बवाल मचाया था। बैठक में धक्का-मुक्की और मारपीट तक हुई थी। हालांकि पूरे प्रकरण को सपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने हाईकमान के सामने पहुंचा दिया है।
जूतम-पैजार देखने को जुटी भीड़- सपा का जिला कार्यालय महावीर चौक पर जानसठ रोड ओवरब्रिज के बराबर में है। जैसे ही कार्यालय पर जूतम पैजार हुआ और भगदड़ मची।
चंदे के नाम पर 21 हजार मांगे थे - छात्र नेता अनस के पिता बब्बू खान का कहना है कि राशिद सिद्दीकी ने चंदे के नाम पर उससे 21 हजार मांगे थे। पैसे नहीं दिए तो माइक पर बोलने पर उसके बेटे का अपमान किया। लड़ाई की शुरुआत राशिद सिद्दीकी ने ही की।
फोटोग्राफर का कैमरा टूटा- सपा नेताओं में चले लात-घूँसों के बीच कवरेज कर रहे फोटो ग्राफर नासिर का कैमरा टूट गया। सूचना मिलते ही वरिष्ठ पत्रकार उत्तमचंद शर्मा के नेतृत्व में पत्रकार मौके पर पहुंच गए। राशिद सिद्दीकी के माफी मांगने के बाद मामला निपटा।