खतौली क्षेत्र में बुखार का कहर जारी है, लगातार लोगों की मौत हो रही हैं। रविवार को भी बुखार से पीड़ित दो लोगों की मौत हो गई। नगर एवं देहात में अब तक करीब 18 लोग बुखार से दम तोड़ चुके हैं। जिससे लोगों में दहशत बनी हुई है। गांव शेखपुरा निवासी बसंता (67) पुत्र रामस्वरूप सैनी तीन-चार दिनों से बुखार से पीड़ित था। परिजनों ने उसे मोदीनगर के अस्पताल में भर्ती कराया था। रविवार सुबह अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
वहीं, रतनपुरी क्षेत्र के गांव मुजाहिदपुर निवासी रोहित (12) पुत्र सोमे कई दिनों से बुखार से पीड़ित था। शनिवार की शाम को उसकी भी मौत हो गई। जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने दोनों शवों का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया है। क्षेत्र में एक हजार से अधिक लोग बुखार से पीड़ित चल रहे हैं। परिजन जिनका इलाज सरकारी अस्पतालों के अलावा निजी अस्पतालों में करा रहे हैं। सर्दी का मौसम आने के बाद भी बुखार का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। क्षेत्रीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से गांवों में कैंप लगवाए जाने की मांग की है।
बुखार से बच्चे समेत चार की मौत
चरथावल क्षेत्र में बुखार का प्रकोप लोगों पर कहर बनकर टूट रहा है। दधेडू खुर्द, कुल्हेड़ी और चरथावल में बुखार से बच्चे समेत चार लोगों की मौत हो गई। क्षेत्र के दर्जनों गांवों में सैकड़ों लोग बुखार की चपेट में हैं। बुखार के कारण त्योहारों की खुशियां भी फीकी नजर आ रही हैं। दधेडू खुर्द निवासी नफीसा (65) मुजफ्फरनगर में अपने बेटों के पास रहती थी। उन्हें कई दिनों से बुखार की शिकायत हुई, तो परिजन वहीं इलाज करा रहे थे।
हालत में सुधार नहीं होने के कारण रविवार में उनकी मौत हो गई। गांव में घर-घर में बुखार से लोग कराह रहे हैं। आलम, साजिद आदि ने सीएमओ से कैंप लगवाकर बुखार की रोकथाम की मांग की है। कस्बे के मोहल्ला मुर्दापट्टी निवासी छह वर्षीय शाहरून की बुखार के चलते मौत हो गई। कुल्हेड़ी गांव में खुशनुदा (60) और एक बच्चे की मौत हो गई। कुटेसरा, कुल्हेड़ी, दधेडू खुर्द, दूधली समेत कई गांवों में जानलेवा बुखार की चपेट में आकर दर्जनों लोग मौत के मुंह में समा चुके हैं। कई गांवों में घर-घर में बुखार के मरीज हैं। बुखार के नाम से तो लोग थर्राने लगे है।
बुखार से सात लोगों की मौत
जानसठ के मेहलकी गांव में बुखार दो दिनों में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि मीरापुर के वाल्मीकि मोहल्ला में एक महिला ने बुखार से दम तोड़ दिया। बीते एक माह में करीब एक दर्जन ग्रामीण बुखार से मर चुके हैं। बुखार से पीड़ित ग्रामीण निजी चिकित्सकों के यहां भर्ती हैं। मेहलकी गांव में वायरल और चिकनगुनिया बुखार का प्रकोप जारी है। शनिवार को गांव में समीना, नरेश, प्रेम, सुल्ली की मौत हो गई।
रविवार को अमरसिंह पुत्र सुक्कू और मनोज ने बुखार में दम तोड़ दिया। ग्राम प्रधान राजेश सैनी ने बताया कि इनके अलावा बुखार से पीड़ित ईश्वर पुत्र हरचंद, नवीन पुत्र गोपाल, माया पुत्री राजपाल, अफसाना पुत्री अलीहसन मुजफ्फरनगर और मेरठ के अस्पतालों में भर्ती हैं। क्षेत्र के गांव चुड़ियाला, कवाल के बाद गांव मेहलकी में भी वायरल व चिकनगुनिया बुखार का प्रकोप जारी है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस ओर ध्यान न देने से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
केंद्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने गांव में फैली गंदगी और पानी की निकासी की समस्या से निजात दिलाने का ग्रामीणों को आश्वासन दिया था, दो सप्ताह बाद भी इस समस्या का समाधान नहीं हो सका है। उधर, मीरापुर के मोहल्ला वाल्मीकि निवासी बिजेंद्र कुमार की पत्नी राखी (30) की बुखार के चलते मौत हो गई। महिला के देवर संजीव कुमार ने बताया कि उसकी भाभी एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित थी। स्थानीय डाक्टरों से राहत न मिलने पर राखी को मेरठ के एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। जिससे पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है।