मेहलकी में पीडि़त परिजनों को सांत्वना देते रालोद नेता अभिषेक चौधरी।
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जानसठ क्षेत्र के गांव मेहलकी में बुखार की चपेट में आने से जहां आधा दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं गांव में चिकनगुनिया से गांव में दहशत व्याप्त है। गांव के सैकड़ों लोग मुजफ्फरनगर, मेरठ आदि शहरों के अस्पतालों में भर्ती होकर अपना इलाज करा रहे हैं।
उधर, नगर में भी बुखार से दो की मौत हो चुकी है। गांव मेहलकी में चिकनगुनिया बुखार के कारण ग्रामीणों के हाथ व पैर सूजे हुए हैं व जोड़ों में दर्द होने से परेशान हैं। पिछले 15 दिनों के अंदर गांव में पदम, इदरीश, कृष्णा, कपिल, शनि, रितु व मस्जिद के लड़के की बुखार से मौत हो चुकी है।
जानसठ के मोहल्ला बुद्धकटहरा निवासी दुर्गा सैनी व मिया बत्तन की भी बुखार से मौत हो चुकी है। जबकि गांव प्रधान राजेश कुमार का लड़का अंकित, मनीष, गुलबीर, रणधीर शिवकुमार की पत्नी कुन्ता आदि मेरठ के अस्पतालों में भर्ती हैं। राष्ट्रीय लोकदल के मंडल अध्यक्ष अभिषेक चौधरी ने सोमवार को गांव में पहुंच कर मृतक के परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने इस बारे में एसडीएम, सीएमओ से वार्ता भी की।
बुखार से दो की मौत
मोरना में गांव कम्हेड़ा व तेवड़ा में जानलेवा बुखार से महिला व युवती की मौत हो गई। दोनों की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। गमगीन माहौल में दोनों शवों को सुपुर्दे खाक कर दिया गया है।
मोरना ब्लाक क्षेत्र के गांव कम्हेड़ा निवासी 34 वर्षीय सादमा खातून पत्नी कमर आलम पांच दिन से बुखार से पीड़ित थी। सोमवार को तेज बुखार के चलते सादमा को ब्रेन हैमरेज हो गया। जिससे उसकी मौत हो गई। उधर, गांव तेवड़ा निवासी 15 वर्षीय सालेहा अंजुम पुत्री मोहम्मद अतहर की बुखार के चलते मौत हो गई। सालेहा को 4 दिन से बुखार था। अचानक तबीयत बिगड़ जाने से सोमवार को सालेहा की मौत हो गई। मृतकों के परिवार में कोहराम मचा है। बुखार से दो मौत होने से क्षेत्र में दहशत बनी है। जिससे बुखार से पीड़ित मरीजों को लेकर परिजन और अधिक चिंतित हो गए हैं।