सिपाही की मौत पर विलाप करते परिजन।
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मोरना के गांव खेड़ी फिरोजाबाद के रहने वाले रेलवे आरपीएफ के सिपाही तुलसी का शव खुर्जा के जक्शन पर रेलवे ट्रैक के पास पड़ा मिला था। सिपाही की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। रेलवे पुलिस की मौजूदगी में ग्रामीणों और परिजनों द्वारा गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार शुक्रताल गंगा घाट पर कर दिया गया। परिजनों ने शव पर चोटें के निशान होने पर हत्या की आशंका जताई है। रेलवे पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
थाना ककरौली क्षेत्र के गांव खेड़ी फिरोजाबाद निवासी तुलसी पुत्र सीताराम 2007 में इलाहाबाद के बैच में भर्ती हुआ था। 2013 में सिपाही तुलसी का तबादला होने पर फिलहाल खुजा के जंक्शन पर तैनात था। मृतक की पत्नी स्वाति ने बताया कि मंगलवार की रात्र 9.30 तूलसी से मोबाइल पर बात हो रही थी। अचानक फोन कट गया था। उसके बाद घंटों फोन मिलाया, लेकिन रिसीव नहीं हुआ। बुधवार की शव लेकर गांव पहुंचे आरपीएफ के एसआई चौधरी अजित सिंह ने बताया कि तुलसी बुधवार की सुबह करीब 5.45 बजे रेलवे ट्रैक के पास औंधे मुंह पड़ा मिला। उसको तुरंत नजदीक के कैलाश हॉस्पिटल ले जाया गया।
जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। गांव में शव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया था और गांव में शोक की लहर दौड़ गई थी। एसआई चरण सिंह, कांस्टेबल गजेन्द्र शर्मा, राहुल वर्मा, सुधीर कुमार के बताया कि तुलसी अच्छे चरित्र और कुशल व्यवहार के जाना जाता था। तुलसी अपने पीछे 13 माह की बेटी विशन्या और पत्नी को रोते बिलखते छोड़ गया। माता महेंद्री, पिता सीताराम, बहन सविता, बबीता, भाई रविंद्र, सुरेश, मुनेश आदि का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्राम प्रधान शहनवाज, बाबूराम राठी, डा. आसिफ, भूरा, महताब, जोनी आदि ने ग्रामीणों व परिजनों ने हत्या कर आशंका व्यक्त करते हुए डीएम से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।