बताया गया कि शुक्रवार रात करीब 11 बजेे घर में विवाद हुआ। इसी वजह से उसने गुस्से में आकर आधी रात घर से निकलकर गांव की बाहरी सीमा पर स्थित गुनियाजुड्ड़ी के जंगल में एक पेड़ में फांसी का फंदा लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली।
शनिवार सुबह खेेतों में पहुचें ग्रामीण पेड़ पर लटके शव को देख सन्न रहे गए। मौके पर शव की पहचान के बाद परिजनों को सूचित किया। आनन फानन में परिजन वहां पहुंचें। वहां जंगल से शव को गांव लाया गया। परिजनों द्वारा पुलिस को सूचना दिए बिना शव का अंतिम संस्कार कर दिया। बताया गया कि मृतक शराब का अधिक सेवन करता था।
थाना प्रभारी ज्ञानेश्वर बौद्ध ने बताया मृतक बेटा नहीं होने के कारण मानसिक रूप से बीमार रहने लगा था और शराब पीने लगा था। हालांकि मौत के संबंध मेंं पुलिस को कोई सूचना नहीं दी है। पुलिस परिजनों से बातचीत के बाद मौत के कारणों की जांच में जुटी है।