रेलवे द्वारा फ्रेट कोरिडोर के लिए अधिग्रहण की गई भूमि के मुआवजे के लिए मंगलवार को किसान सोंटा फाटक पर रेलवे ट्रैक पर धरना देंगे। इसके लिए भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने कई ग्रामों में संपर्क कर किसानों से धरने पर पहुंचने की अपील की है।
भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने बताया कि रेलवे ने जनपद के 26 ग्रामों के किसानों की करीब 11 लाख मीटर भूमि का अधिग्रहण किया है। मुआवजा तय न होने से नाराज किसान अब धरने के लिए बाध्य हो गए हैं। किसानों की मांग है कि अवार्ड की त्रुटि को ठीक कर अकृषि की दर से किसानों को भूमि का समान रेट दिया जाए। आर्बिटेटर डीएम को नियुक्त किया जाए। इन मांगों को लेकर किसानों ने तीन नवंबर को भैंसी में पंचायत कर आठ नवंबर को सोंटा रेलवे फाटक के निकट ट्रैक पर धरना देने की चेतावनी दी थी।
रविवार को धरना स्थल की सफाई करने के दौरान रेलवे पुलिस को भाकियू कार्यकर्ताओं ने बंधक बना लिया था। रेलवे के उच्चाधिकारियों से बात कराने के आश्वासन पर आरपीएफ को छोड़ दिया था। जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने बताया कि संगठन की जिले पर हुई समीक्षा बैठक में इस मामले को उठाया गया। जिसमें धरना देने की सहमति बनी। सोंटा, खानूपुर, जड़ौदा, नरा, सीमली, लकडसंधा, जट नंगला आदि में किसानों से संपर्क कर धरने पर पहुंचने की अपील की गई है।