पुरकाजी खेतों में खडी पत्ता गोभी की फसल
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
पत्ता गोभी को खेतों में ही उखाड़ रहे किसान
मुजफ्फरनगर। जिले के बाजारों में मांग नहीं होने से पत्ता गोभी को उखाड़कर खेतों में ही फेंकना किसान की मजबूरी हो गई है। तैयार फसल बिक्री नहीं होने से अब खराब होने लगी है। पुरकाजी, चरथावल, खतौली और खादर क्षेत्र के किसानों ने पत्ता गोभी को उखाड़ना शुरू कर दिया है।
पत्ता गोभी का प्रयोग रेस्टोरेंट और होटलों में होता है, जो किसान इसका उत्पादन करता है, वह इसे आजादपुर सब्जी मंडी दिल्ली, देहरादून आदि बड़े शहरों में भेजता है। हालांकि जिले में बड़े स्तर पर इसकी खेती नहीं होती है। कुछ चुनिंदा किसान ही पत्ता गोभी की खेती करते हैं। चरथावल के नंगला राई और चरथावल देहात में कुछ किसान इसकी खेती करते हैं। फसल के नहीं बिकने से अधिकतम किसानों ने फसल उखाड़ कर फेंक दी है। शहर के आसपास भी थोड़े क्षेत्रफल में यह फसल होती है। यहां भी किसान फसल को उखाड़ रहे हैं। किसान रामकिशन का कहना है कि जो नुकसान होना था हो गया, अब दूसरी फसल लगाएंगे। पुरकाजी में किसान ओमदत्त, अजमेर और मलखान सैनी ने पत्ता गोभी की फसल लगा रखी है। फसल खेत में तैयार खड़ी है। बिक्री नहीं होने के कारण अब इसे बहाने की तैयारी है। किसान ओमदत्त का कहना है कि उसने ठेके पर जमीन लेकर फसल लगाई थी। फसल खराब होने से बहुत नुकसान हो गया है। अन्य किसानों की भी यहीं स्थिति है।