तितावी। धौलरा गांव में किसानों और महिलाओं ने फसल का पूरी रात पहरा दिया। किसानों का आरोप है कि प्रशासन चकबंदी के बहाने उनकी खड़ी फसल तहस नहस करना चाहता है।
गांव धौलरा के किसानों ने चकबंदी को लेकर एक पक्षीय मिलीभगत का आरोप लगाया है। आरोप है कि चकबंदी अधिकारी एक बड़े नेता के कहने पर छोटे किसानों का उत्पीड़न कर रहे है। इसी बात से आहत होकर लगभग 80 किसानों ने आपके घर पर पलायन का सार्वजनिक नोटिस भी चस्पा किए थे। किसान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरण सिंह ने इसका पता लगने पर गांव में एक पंचायत भी की, जिसमे एडीएम से फोन पर बात करने के बाद पंचायत समाप्त कर दी गयी थी। आश्वासन दिया था कि पहले पांच किसानों की जांच की जाएगी यदि गलत मिलता है तो दोबारा से नाप तोल होगी। भारतीय किसान संगठन के जिलाध्यक्ष दीपक सोम के साथ किसान एडीएम से मिले और समस्या को विस्तार से रखा।
सोमवार को चकबंदी अधिकारी एसीओ शिल्पी, लेखपाल मांगेराम, अमित राठी, सचिन कुमार, कानूनगो नरेशकुमार,अरुण कुमार ,जितेंद्र कुमार ने चकरोड के लिए किसानों की कच्ची फसल पर ट्रैक्टर चलवा दिया। इस पर महिलाएं ट्रैक्टर के आगे लेट गयी। किसानों के विरोध के चलते चकबंदी विभाग और पुलिस को वापिस लौटना पड़ा। गांव की महिलाएं और किसानों ने जंगल मे ही सड़क पर टेंट लगा कर चकबंदी अधिकारियों के डर से की कहीं हमारी फसल बर्बाद ना कर दे रात भर पहरा दिया। किसानों ने दिन-रात फसल की पहरेदारी करने का निर्णय लिया है। मंगलवार को भी किसान खेतों पर डटे रहे। बुधवार से बच्चो सहित जंगल मे ही खाना बनाएंगे और रात दिन पहरेदारी करेंगे। जो किसान विरोध में शामिल रहे उनमें राम रति, बबिता, लक्ष्मी, शारदा, कमलेश, ओमबीरी, बिरमकोर, बबली, रेखा, सुमेघ, सुखपाल, राजबीर, नंदलाल, राराजेन्द्र, सत्यपाल, रामनिवास, ओमपाल आदि शामिल रहे। भारतीय किसान संगठन के युवा जिलाध्यक्ष बिल्लू राणा, कुशलपाल राणा, देवेंद्र पुंडीर, कृष्णपाल, सुनील आदि मौजूद रहे। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरण सिंह ने कहा कि गरीब किसानों को बर्बाद होते नहीं देख सकते। इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।