रोहाना सहकारी गन्ना विकास समिति रोहाना कार्यालय पर भाकियू ने किसानों के गन्ना भुगतान और इंडेंट जारी करने की मांग को लेकर धरना देकर प्रदर्शन किया। धरना स्थल पर पहुंचे चीनी मिलों के अधिकारियों को चार घंटे तक बंधक बनाकर रखा। भाकियू ने शुक्रवार को गन्ना समिति कार्यालय में धरना दिया। रोहाना कलां, रोहाना खुर्द, बड़कली, कुतुबपुर, दतियाना, आखलोर, पावटी, चरथावल, रोनी, जट नंगला, बहेड़ी, दीदाहेडी, खुड्डा आदि गांव के किसान धरने में शामिल हुए। धरने में गन्ने की पर्ची व गन्ना भुगतान का मुद्दा छाया रहा।
धरने में पहुंचे रोहाना शुगर मिल, देवबंद, तितावी, खाईखेड़ी व थानाभवन शुगर मिल के अधिकारियों के अलावा रोहाना गन्ना समिति सचिव को भी धरने पर बैठा लिया। भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने कहा कि जब गन्ने का भुगतान व गन्ने की पर्ची नहीं आती, तब तक इन अधिकारियों को नहीं छोड़ा जाएगा। जिलाध्यक्ष ने कहा की मिल मालिक और समिति के अधिकारियों की मिलीभगत से किसानों का खुला उत्पीड़न किया जा रहा है, जिसे भाकियू बर्दाश्त नहीं करेगी।
अधिकारियों के बंधक बनाने की सूचना पर एसडीएम सदर कुमार धर्मेंद्र, डीसीओ डॉ. आरडी द्विवेदी, सीओ सिटी हरीश सिंह भदौरिया, सीओ सदर रिजवान अहमद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। भाकियू नेताओं और किसानों ने बंधक बनाए अधिकारियों को छोड़ने से इंकार कर दिया। डीसीओ ने किसानों की ओर से क्रय केंद्रों पर घटतौली की शिकायत पर किसानों को आश्वासन दिया की यदि घटतौली में कोई कर्मचारी लिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। किसानों को समय से पर्ची जारी कर शीघ्र भुगतान कराया जाएगा। किसानों के तेवर को भांपते हुए प्रशासन ने देर शाम 15 गांवों के किसानों की पर्ची धरनास्थल पर लाकर किसानों को वितरित कराई।
रोहाना शुगर मिल ने पांच करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान जारी किया। उसके बाद ही चार घंटे से बंधक शुगर मिल के अधिकारियों समेत रोहाना गन्ना विकास समिति को धरने से उठने दिया। धरने पर ब्लाक उपाध्यक्ष संजीव भारद्वाज ,विकास शर्मा, बाबा आदेश, पंकज भगत, अंकित, मांगेराम त्यागी, बालेश्वर, प्रधान इमलाख, डॉ अमित, विकास शर्मा, योगेश शर्मा, पुरकाजी चेयरमैन जहीर फारुखी, अंकित, अमरजीत, विनोद, सार्थक, मनोज सहरावत, पिंटू चेयरमैन, सिद्धार्थ, गुड्डू, बिट्टू प्रधान, सतीश, अहसान, अफलातून, मरगुब, सर्वेंद्र, शक्ति, कमल शर्मा, कुलदीप, मोनू आदि किसान शामिल रहे। अध्यक्षता ठाकुर राजकुमार ने और संचालन मणिकांत भारद्वाज ने किया।