शाहपुर क्षेत्र के किसानों ने मंसूरपुर मिल से पर्ची नहीं आने और बैंकों से गन्ने का भुगतान न मिलने पर मंसूरपुर तिराहे पर गन्ने से भरी ट्राली खड़ी कर जाम लगाया। सीओ और केन मैनेजर के आश्वासन पर किसानों ने जाम खोला। शाहपुर क्षेत्र के गांव सोरम व रसूलपुर के किसानों को मिल द्वारा गन्ने की पर्ची न मिलने से उनका गन्ना खेतों में पड़ा हुआ था।
बुधवार को किसान अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉली में गन्ना भर कर पहले थाने पर पहुंचे और बाद में मंसूरपुर मोड़ पर जाम लगा दिया। किसानों का कहना था कि मंसूरपुर मिल से एक सफ्ताह से पर्ची नहीं आ रही है। साथ ही बैंकों से किसानों को गन्ने का भुगतान नहीं मिल रहा। रुपये निकालने के लिए उन्हें पूरा पूरा दिन लाइन में लगना पड़ता है। जिससे किसान परेशान हैं। जाम की सूचना पर पहुंचे सीओ बुढ़ाना सुधीर तोमर ने किसानों की समस्याएं सुनने के बाद मंसूरपुर मिल के केन मैनेजर को फोन कर जाम लगाने वाले किसानों के बीच बुलाया।
केन मैनेजर एलपी सिंह ने किसानों को आश्वासन दिया कि एक हजार कुंतल गन्ने का इंडेंट प्रतिदिन सोरम गांव के किसानों को दिया जाएगा, ताकि किसानों को अपना गन्ना तौलने में कोई परेशानी न हो। इसके अलावा अन्य गांवों में भी इंडेंट भेजे जाएंगे।
बैंकों में किसानों के लिए अलग काउंटर बनवाकर भुगतान कराना सुनिश्चित किया जाएगा। केन मैनेजर के आश्वासन पर किसानों ने जाम खोल दिया। इस दौरान भाकियू के ब्लाक अध्यक्ष बिजेन्द्र बालियान, बालेन्द्र सिंह, नीटू दुलैहरा, देवराज चौधरी, राजपाल, जितेन्द्र, संदीप, हरपाल, नीरज मुखिया, कपिल, रामपाल, सतेन्द्र आदि किसान मौजूद रहे।