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ग्राहकों ने किया घेराव, पीएनबी मैनेजर हुए बेहोश         

Thu, 22 Dec 2016 12:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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बैंंक में हंगामा करता ग्राहक। - फोटो : अमर उजाला
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छपार में ग्रामीणों की भीड़ से घिरे बैंक मैनेजर की अचानक हालत बिगड़ गई। वह बेहोश हो गए। उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। भीड़ से घबराए कर्मचारियों ने बैंक नहीं खोला। दो घंटे तक कर्मचारी थाने पर पुलिस से गुहार लगाते रहे। कई घंटों बाद पुलिस ने बैंक का गेट खुलवाया।    
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गांव खुड्डा में पंजाब नेशनल बैक की शाखा है। वहां व्यवस्था बनाने के लिए मैनेजर ने ग्राम प्रधानों को बुलाकर सप्ताह में एक दिन में एक गांव को रुपया देने का प्रस्ताव रखा था, जिस पर सब सहमत हो गए थे। सोमवार और मंगलवार को शाखा में कैश नहीं आया। जिस कारण बुधवार को खोजा नंगला और खामपुर दोनों गांव के लोग बैंक पर पहुंचे, जिससे भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। उन्होंने मैनेजर का घेराव कर लिया। खुद को घिरा देखकर मैनेजर अनिल अरोरा बेहोश हो गए।

गुस्साए लोगों ने उन्हें पानी भी नहीं लेने दिया। जिससे हालत बिगड़ने पर उन्हें मुजफ्फरनगर में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उधर, घबराए कर्मचारियों ने बैंक शाखा तक जाने की हिम्मत नहीं की। वह सुबह दस बजे थाने पहुंचे ओर थानाध्यक्ष से उनके साथ शाखा पर चलने को कहा, लेकिन 12 बजे तक उन्हें फोर्स नहीं मिली। लगभग एक बजे पुलिस ने उनके साथ जाकर लाइन लगवाई और कैश देना शुरू कराया।
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उधर, इससे बुरी हालत तेजलहेड़ा के ग्रामीणों की है, वहां कोआपरेटिव बैंक की शाखा है। जहां डेढ़ सप्ताह से कैश नहीं पहुंचा। ग्रामीण सुबह ही लाइन में लग जाते हैं और शाम को खाली हाथ घर जाते हैं। बुधवार को वहां भी भारी भीड़ रही और कैश नहीं पहुंचा, जिस कारण ग्रामीण निराश होकर लौट गए।   

कैश की किल्लत पर दधेडू बैंक पर हंगामा  
चरथावल। दधेड़ू के पीएनबी में पर्याप्त कैश नहीं मिलने पर कतार में लगे लोगों ने कर्मचारियों को बैंक में नहीं घुसने दिया। हंगामे के दौरान मौके पर एक पुलिसकर्मी द्वारा ग्रामीण को लाठियां मारने पर जमकर हंगामा हुआ। महिलाओं ने दरोगा का खरीखोटी सुनाई। थाना प्रभारी ने मौके पर पहुुंचकर लोगों को शांत किया।      
 
बुधवार को पीएनबी दधेडू कलां में सिर्फ दो-दो हजार रुपये देने शुरू किए। कुछ देर बाद कैश खत्म बताकर ग्रामीणों को देने से मना किया गया तो लाइन में लगे लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया और कर्मचारियों को बैंक से बाहर कर दिया। काफी मशक्कत के बाद कर्मचारियों को बैंक में प्रवेश कराने को लेकर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया। एक युवक के लाठियां पड़ने पर लोगों ने हंगामा कर दिया। महिलाओं की पुलिस से तीखी झड़प हुई।

दरोगा मौके से चंपत हो गया। बाद में एसएचओ संजीव शर्मा ने गुस्साए लोगों को शांत किया। लोगों का कहना था कि खेती की बुवाई चल रही है। रिजर्व बैंक के नियमों को ताक पर रखते हुए नोटबंदी के बाद से बैंक से दो हजार रुपये से अधिक रकम नहीं दी गई। बिना पैसे के किसान क्या करें। गुस्साए किसानों ने बैंक कर्मचारियों को बाहर कर बैंक बंद कर दिया।

जिस पर पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। शाहआलम, मुस्तकीम पूर्व प्रधान, मो. गालिब ने बताया कि खेत बुवाई के कारण नगदी के अभाव में किसान परेशान हैं, जिन्हें अपना ही पैसा समय से नहीं मिल पा रहा है। उधर, कुटेसरा में एसबीआई में ग्रामीणों ने कैश नहीं मिलने पर हंगामा किया। शमशाद, मोईन, इकबाल ने बताया कि बैंककर्मी रसूखदार लोगों को मनमाफिक कैश दे रहे हैं, लेकिन लाइन में लगे लोगों को कैश खत्म होने की बात कहकर रोजाना वापस भेजा जा रहा है।
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