मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन ने गन्ना मूल्य बढ़ाने और बकाया भुगतान की मांग को मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को किसानों ने डीएम ऑफिस पर कब्जा कर लिया। सरकारी छुट्टी के दिन भाकियू कार्यकर्ताओं ने रस्सी बांधकर दफ्तर को पूरी तरह सील कर दिया।
किसानों की मांगों को पूरी होने तक अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया गया है। कलक्ट्रेट में किसान रात में भी डटे हुए हैं।
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत और जिलाध्यक्ष राजू अहलावत के नेतृत्व में किसानों ने कलक्ट्रेट में डीएम ऑफिस पर कब्जा कर लिया। किसानों की मांग है कि बकाया गन्ना भुगतान किया जाए। इस सत्र में गन्ना मूल्य 425 रुपये कुंतल किया जाए।
किसानों ने डीएम ऑफिस पर कब्जा कर रस्सी बांधकर उसे सील कर दिया और अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। सरकारी अवकाश होने के कारण शनिवार को सभी सरकारी कार्यालय बंद थे। भाकियू नेताओं के आने की सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट राजेंद्र सिंह और सीओ सिटी डॉ तेजवीर ने मौके पर पहुंचकर भाकियू कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया।
भाकियू नेता राकेश टिकैत ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की समस्याओं को लेकर कतई गंभीर नहीं है। प्रत्येक वर्ष चार से छह प्रतिशत किसान घाटे के चलते खेती छोड़ने के लिए मजबूर हैं। किसान खेतीहर मजदूर बनते जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि गन्ना मूल्य में दो वर्षों से कोई वृद्घि नहीं हुई है। इस सत्र के लिए गन्ना मूल्य 425 रुपये कुंतल घोषित किया जाना चाहिए। किसानों की उत्पादन लागत लगातार बढ़ रही है। इसे देखते हुए फसलों के दाम भी बढ़ने चाहिए।
गन्ना क्रय केंद्रों पर घटतौली रोकी जानी चाहिए। किसानों का बकाया भुगतान तुरंत मिले। टिकैत ने 20 मांगों का पत्र मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नाम सिटी मजिस्ट्रेट को दिया।
भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने कहा कि किसान आर-पार की लड़ाई के लिए पूरी तरह तैयार हैं। किसान करो या मरो की स्थिति में है। भुगतान के अभाव में किसानों के बच्चों के शादी-विवाह के काम भी लटके हुए हैं।
जब तक मांगे पूरी नहीं होंगी किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। अध्यक्षता स्वामी सत्यवेश एवं संचालन योगेेश शर्मा ने किया। धरने को सतीश रॉयल, कपिल सोम, ओमपाल मलिक, विकास शर्मा, अंकित चौधरी, सतीश रोहाना, अनुज बालियान, अशोक घटायन, धर्मपाल धीराहेडी, धर्मेंद्र मलिक, नीटू दुल्हैरा, सतेंद्र प्रधान, अनीस, कमल शर्मा आदि मौजूद रहे।