लगभग 30 किसानों को ही 100-100 रुपये भोजन और 100-100 रुपये गेहूं बीज के लिए दिए गए। बाकी किसानों को कुछ भी नहीं मिला। आरोप है कि किसानों के लिए आई धनराशि को ठिकाने लगा दिया गया। किसानों का हंगामा बढ़ता देख उप निदेशक कार्यालय छोड़कर चले गए। किसानों ने बताया कि वह इस मामले को डीएम के समक्ष उठाएंगे।
एनजीओ को नहीं दी जा सकती जिम्मेदारी
आत्मा योजना के अंतर्गत किसानों के भ्रमण की जिम्मेदारी एनजीओ को नहीं दी जा सकती। शासनादेश के अनुसार कृषि विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी ही किसानों को भ्रमण के लिए ले जा सकते हैं।
एक हजार रुपये में किसानों के भोजन एवं वाहन आदि की सभी व्यवस्थाएं शामिल थी। बस में किसानों को 200-200 रुपये दिए गए थे। जिन्हें रुपये नहीं मिले वह बस से रास्ते में उतर गए होंगे। उन्हें भी भुगतान कर दिया जाएगा। - जसवीर तेवतिया, उप निदेशक कृषि।