मुजफ्फरनगर। भाकियू के संस्थापक चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के संघर्ष की याद आना स्वाभाविक है। वर्तमान दौर में किसानों की किसे सुध है। गन्ने का बकाया भुगतान नहीं मिला।
गेहूं, सरसों की फसल उजड़ने पर उचित मुआवजा नहीं मिला। धान का वाजिब दाम नहीं मिल पा रहा। समस्याओं के समाधान के लिए कोई मदद को तैयार नहीं है। गन्ने का भाव हो या बकाया भुगतान, हर मसले पर गांव और किसान मुसीबत में है।
किसानों के मसीहा बाबा महेंद्र सिंह टिकैत का मंगलवार को 80 वां जन्मदिन मनाया जाएगा। किसानों का जब भी कोई मामला आता था तो बाबा टिकैत आरपार की लड़ाई का बिगुल बजाने में देर नहीं करते थे। किसानों के हक के लिए बाबा की अगुवाई में भाकियू ने अनेक आंदोलन किए।
बाबा टिकैत ने सरकार को झुकाया और किसानों को उनका हक दिलाया। आज बाबा टिकैत के बगैर देश में किसान आंदोलन की अगुवाई खत्म हो गई है। ऐसे वक्त में बेबस किसानों को बाबा की बुलंद आवाज की कमी खल रही है। टिकैत के चले जाने के बाद अनेक कारणों से भाकियू की किसान शक्ति भी दरक गई है।
दो साल पहले हुए दंगे के बाद भारतीय किसान मजदूर मंच और भारतीय किसान संगठन खड़ा हो गए। किसान समस्याओं के लिए कोई निर्णायक आंदोलन नहीं हो सका। हालांकि कई बार राष्ट्रीय राजमार्ग बंद कर भाकियू ज्ञापन देने तक की सीमित रही। दंगे के बाद संगठन को अंदरूनी कलह भी झेलनी पड़ी।
गुलाम मोहम्मद जौला ने भारतीय किसान मजदूर मंच का गठन किया। किसान आंदोलन की धार इससे कमजोर हुई। इसके बाद ठाकुर पूरण सिंह ने भाकियू से अलग होकर भारतीय किसान संगठन खड़ा कर लिया।
भाकियू (भानु) गुट पहले ही अलग हो गया था। गत माह तितावी में हुए किसान सम्मेलन में भाकियू से टूटकर बने तीनों गुट के पदाधिकारी एक मंच पर आए। तीनों गुटों के एक साथ आने से भाकियू कमजोर नजर आ रही है।
आज दिल्ली में मनेगा टिकैत का जन्म दिवस
मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन द्वारा दिवंगत चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत का 80 वां जन्म दिवस दिल्ली में मनाया जाएगा। भाकियू के मीडिया प्रभारी धर्मेेंद्र मलिक ने बताया कि जन्म दिन कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली के मालवंकर हॉल, रफी मार्ग पर होगा। इस अवसर पर किसान गोष्ठी भी होगी।
कार्यक्रम में चौ टिकैत के जीवन पर आधारित स्मारिका भी भाकियू द्वारा जारी की जाएगी। मुख्य अतिथि केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह होंगे। केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री डॉ संजीव बालियान, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को भी आमंत्रित किया गया है।
उनके जन्म दिवस पर भारतीय किसान यूनियन की वेबसाइट का भी उद्घाटन किया जाएगा। उधर, जिले में भाकियू ने किसान नेता टिकैत की जयंती पर कोई विधिवत कार्यक्रम घोषित नहीं किया है।