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टिकौला मिल मेें किसानों ने लिपिक को पीटा, हंगामा

Fri, 11 May 2018 12:10 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
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चीनी मिल के बाहर जाम लगाकर बैठे किसान। - फोटो : अमर उजाला
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मीरापुर के टिकौला चीनी मिल में टोकन लिपिक के साथ कुछ किसानों ने मारपीट कर दी, जिसको लेकर मिल में हंगामा खड़ा हो गया। कर्मचारियों ने घटना के विरोध में मिल में पेराई ठप कर दी। मिल प्रबंधन ने आरोपी किसानों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई। गुस्साए किसानों ने शाम के समय दिल्ली-पौड़ी राजमार्ग पर जाम लगा दिया। मिल की पेराई सुबह छह बजे से ठप है। लिपिक की पिटाई से कर्मचारियों में रोष व्याप्त है।
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टिकौला चीनी मिल में व्यवस्था को लेकर अक्सर हंगामा होता रहता है। बृहस्पतिवार को सुबह करीब छह बजे गांव चुहापुर के किसान मोहित पुत्र ओमकार व पांच अज्ञात किसानों ने टोकन को लेकर लिपिक सचिन पुत्र महिपाल निवासी कोहला, थाना बहसूमा, मेरठ के साथ मारपीट कर दी।

आरोप है कि इन किसानों ने अपने नंबर से पहले टोकन लेने का प्रयास करते हुए लिपिक पर लाठी डंडों से हमला किया। लिपिक के साथ मारपीट को लेकर मिल कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया। आक्रोशित कर्मचारी किसानों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर मिल का कामकाज बंद कर पेराई ठप कर दी।
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मिल में धरना देकर बैठ गए। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उन्हे सुरक्षा नहीं मिलती, तब तक वे मिल में काम नहीं करेंगे। इस संबंध में अधिशासी अध्यक्ष महेश चंद शर्मा ने कर्मचारियों से बातचीत की तथा रामराज पुलिस को घटना की जानकारी देते हुए आरोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई। मिल प्रबंधन की ओर से हमले के आरोपी किसान मोहित पुत्र समेत पांच अज्ञात किसानों के विरुद्ध थाना रामराज में रिपोर्ट दर्ज कराई। मारपीट के आरोपी किसानों की अभी तक गिरफ्तारी नहीं की गई है।

एफआईआर दर्ज कराने के विरोध में गुस्साए किसानों ने बृहस्पतिवार को शाम पांच बजे दिल्ली-पौड़ी राजमार्ग पर जाम लगा दिया। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने किसानों को समझाने में लगी थी। मिल परिसर व दिल्ली-पौड़ी राजमार्ग पर गन्नों से लदे वाहनों की लंबी लाइन लग गई।

उधर, पुलिस प्रशासन मिल कर्मचारियों और किसानों के बीच समझौते के प्रयास में जुटा है। मिल के अधिशासी अध्यक्ष का कहना है कि कुछ लोग जबरन मिल व्यवस्था को खराब करने में सक्रिय हैं, उनके विरुद्ध मिल बंदी के दौरान हुई हानि की रिपोर्ट दर्ज कराए जाने की तैयारी की जा रही है। मिल की पेराई सुबह छह बजे के बाद से ठप है। देर शाम तक भी आपस में समझौता नहीं होने पर पेराई प्रारंभ नहीं हो सकी थी।  
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