‘तहसीलों में किसानों का हो रहा उत्पीड़न’
छपार/रोहाना (मुजफ्फरनगर)। दिल्ली-दून नेशनल हाईवे पर भाकियू के धरने को दो माह पूरे हो गए हैं। निवर्तमान ब्लाक अध्यक्ष मांगेराम त्यागी ने कहा कि तहसीलों में किसानों का उत्पीड़न हो रहा है। विरासत दर्ज कराने के लिए किसान से भारी सुविधा शुल्क वसूला जाता है।
कृषि कानूनों के विरोध में भाकियू कार्यकर्ता टोल प्लाजा पर धरना दे रहे हैं। शुक्रवार को धरने के दो माह पूरे हो गए। धरने पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पूर्व ब्लाक अध्यक्ष ने कहा कि विरासत के लिए सरकार ने समय सीमा निर्धारित की है, उसके बाद भी उन्हें तहसील के चक्कर काटने पड़ते है। लेखपाल उनसे सुविधा शुल्क वसूलते हैं। किसानों के लिए ये बड़ी गंभीर समस्या है, जबकि सरकार ने समय सीमा निर्धारित की है। खतौनी के लिए 15 रुपये शुल्क है, ऐसे ही हिस्सा प्रमाणपत्र का शुल्क भी निर्धारित हो।
चेतावनी दी कि अगर अधिकारियों ने इस पर संज्ञान नहीं लिया तो आंदोलन किया जाएगा। धरने में चांदबीर फौजी, बिट्टू राठी, मौहम्मद फरमान, बबलू त्यागी, मनोज, नौशाद, दानिश, अमित, विकास , ओमपाल आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे। उधर, रोहाना में टोल प्लाजा पर भाकियू के पूर्व ब्लाक अध्यक्ष ठाकुर कुशलवीर सिंह के नेतृत्व में आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया गया। मौके पर सुनील, पंकज भगत, सत्येंद्र सिंह, सुमित, नवीन कुमार, धर्मवीर, रविंद्र चौधरी मौजूद रहे।
रोहाना में टोल प्लाजा पर घरनारत भाकियू कार्यकर्ता।- फोटो : MUZAFFARNAGAR