मंसूरपुर में कर्ज में डूबे वृद्ध किसान ने कीटनाशक दवाई पीकर आत्महत्या करने की कोशिश की। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने किसान को बेगरजपुर मेडिकल कालेज में भर्ती कराया है। किसान की जेब से परिजनों को सुसाइड नोट भी मिला। जिसमें किसान ने कर्ज वसूली के लिए एसडीएम और तहसीलदार द्वारा बेइज्जत करना लिखा है। इस पर गुस्साए किसानों ने हाईवे जाम कर धरना दिया।
थाना मंसूरपुर क्षेत्र और ब्लाक शाहपुर के गांव सोंहजनी तगान निवासी धनप्रकाश त्यागी (75) पुत्र कालेराम पर करीब 20 लाख का ऋण है। जिससे परेशान होकर उसने बुधवार को कीटनाशक दवाई पी ली। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे बेगराजपुर स्थित मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे आईसीयू में भर्ती कर लिया। मामले की जानकारी होने पर किसानों में आक्रोश फैल गया।
भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत कार्यकर्ताओं के साथ मेडिकल कालेज पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने किसान की हालत के बारे में चिकित्सकों और परिजनों से जानकारी ली। इसके बाद कार्यकर्ता मेडिकल कालेज के सामने हाईवे पर धरना देकर बैठ गए। जाम लगाने से वाहनों की लंबी लाइन लग गई। सूचना पर एसपी सिटी ओमवीर सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को बामुश्किल समझाबुझाकर जाम खुलवाया और उन्हें थाने ले गए। उधर, भाकियू भानू के पदाधिकारियों ने भी अस्पताल पहुंचकर किसान का हाल जाना।
रालोद नेता भी मेडिकल कालेज में पहुंचे
मंसूरपुर। किसान के बारे में जानकारी मिलने पर रालोद के युवा मंडल अध्यक्ष अभिषेक चौधरी भी कार्यकर्ताओं के साथ किसान का हालचाल जानने बेगराजपुर मेडिकल कालेज पहुंचे। रालोद नेता ने मेडिकल कालेज में परिजनों से किसान की हालत के बारे में पूछा और पूरे प्रकरण की जानकारी ली। अभिषेक चौधरी का कहना है कि किसान का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा।
किसान के पास है 38 बीघा जमीन
मंसूरपुर। धनप्रकाश त्यागी के पास करीब 38 बीघा भूमि है। किसान के शादीशुदा चार बेटे मनोज, संजय, राजू व पंकज हैं। दो बेटे राजू व पंकज बाहर नौकरी करते हैं। किसान के बेटे संजय व परिवार के सदस्यों ने बताया कि धनप्रकाश त्यागी ने पुरबालियान के पीएनबी से करीब 3.48 लाख रुपये, भूमि विकास बैंक बुढ़ाना से लगभग 6.11 लाख, इलाहाबाद बैंक खतौली से चार लाख, एसबीआई खतौली से 4.23 लाख रुपये तथा बिजली का करीब 2.50 लाख रुपये बकाया है।
परिवार के लोगों के मुताबिक कुल मिलाकर 20 लाख रुपये का कर्ज है। तीन बैंकों की आरसी भी जारी होकर तहसील में जा चुकी है। तहसील से कई बार अमीन भी कर्ज वसूलने के आ चुके हैं। बेटे संजय के मुताबिक उसका पिता कर्ज की वजह से टेंशन में रहता था। बुधवार को कर्ज की वजह से ही धनप्रकाश त्यागी ने कीटनाशक दवाई पी ली। उधर, तहसीलदार अमित कुमार ने कहा है कि दो माह पूर्व वह अमीन के साथ बकाया ऋण की वसूली के लिए किसान के घर गए थे। किसान पर कोई दबाव नहीं बनाया गया।