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सड़के के बीच में बंधे तार गले में फंसने से किसान की मौत

Wed, 28 Dec 2016 12:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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‌किसान के गले में फंसे तार। - फोटो : अमर उजाला
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छपार मिल में गन्ना लेकर जा रहे एक किसान की निर्माणाधीन सड़क पर बंधा तार गले में फंसने से मौत हो गई । किसान का शव घंटों तारों में अटका रहा। गांव में सूचना मिलने पर सैकड़ों किसानों की भीड़ मौके पर जुट गई। मुआवजे की मांग को लेकर भाकियू कार्यकर्ताओं ने बरला-बसेड़ा मार्ग पर जाम लगा दिया और धरना देकर बैठ गए। पुलिस और मिल अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से बात की। घंटों हंगामा होता रहा, कई बार बात बनी और बिगड़ी। बाद में 12 लाख रुपये का मुआवजा और एक परिजन को नौकरी देने पर सहमति बनने पर धरना समाप्त हुआ।            
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बरला निवासी किसान राजपाल त्यागी (55) पुत्र मेघराज मंगलवार सुबह करीब पांच बजे गन्ने से भरी बुग्गी लेकर उत्तम शुगर मिल खाईखेड़ी जा रहा था। बसेड़ा रोड से मिल की ओर जा रही निर्माणाधीन सड़क पर आवाजाही रोकने के लिए तार बांध रखा था। राजपाल तार नहीं देख पाया और उसका गला तार में फंस गया, जिससे दम घुटने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। कई घंटे शव तारों में ही अटका पड़ा रहा।

दिन निकलने पर घटना का पता चला तो बरला के ग्रामीणों की भीड़ मौके की ओर दौड़ पड़ी। आसपास के गांवों की भीड़ मौके पर एकत्र हो गई।  घटना का पता चलने पर मिल के डीजीएम मेघराज सिंह मौके पर पहुंचे तो ग्रामीणों ने उनका घेराव कर दिया। डीजीएम ने किसान के परिजनों को पांच लाख रुपये मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी देने की बात कही। इस बात पर मौके पर मौजूद ग्रामीण बिफर पड़े और धनराशि कम बताकर हंगामा काटना शुुरू कर दिया। किसानों ने मिल के खिलाफ नारेबाजी करनी शुुरू कर दी। किसानों ने मिल अधिकारियों को जमकर खरी-खोटी सुनाई।
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इसी बीच भाकियू ब्लाक अध्यक्ष धीरज त्यागी कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे और धरना देना शुरू कर दिया। किसानों ने बरला-बसेड़ा मार्ग पर जाम लगा दिया। सूचना पर एसडीएम सदर रामअवतार गुप्ता और सीओ सदर शिवराज सिंह यादव पुरकाजी और छपार  पुलिस एवं पीएसी को साथ लेकर मौके पर पहुंचे। घंटों बाद एसडीएम सदर ने धरने पर बैठे लोगों से बात की और मिल प्रबंधन की ओर से 12 लाख का मुआवजा और मृतक के एक परिजन को नौकरी देने का आश्वासन दिया।

इस बात पर सभी सहमत हो गए और चार घंटे से लगा जाम खोल दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। धरने पर बैठने वालों में बरला प्रधान अरविंद त्यागी, खाईखेड़ी प्रधान हरिओम त्यागी, कपिल त्यागी, संजय त्यागी, राकेश आडवाणी, मोहित, मनोज, मांगा, प्रेम प्रकाश, अतुल त्यागी, पवन त्यागी, बिट्टू आदि शामिल रहे।                        

ठेकेदार की लापरवाही से गई किसान की जान           
 छपार। बरला-बसेड़ा मार्ग से मिल को जाने वाले मार्ग पर निर्माण कार्य चल रहा है। रात में मार्ग से कोई वाहन न गुजरे, इसके लिए ठेकेदार ने सड़क के दोनों ओर के पेड़ों से तार बांध दिया था। तार अंधेरे में दिखाई नहीं दे रहा था।  बरला निवासी राजपाल त्यागी अंधेरे में बुग्गी लेकर मिल के लिए चला था, रास्ते में तार की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। मृतक के भाई रामकुमार की ओर से आरोपी ठेकेदार मांडला निवासी अश्वनी के खिलाफ छपार थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है।                   
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