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चमन के नाम से मशहूर इंदिरा पार्क जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का शिकार

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खराब पड़ा पार्क में लगा सरकारी हैंडपंप - फोटो : DEVBAND
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चमन के नाम से मशहूर इंदिरा पार्क उपेक्षा का शिकार
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देवबंद। कभी चमन के नाम से मशहूर मोहल्ला खानकाह में स्थित इंदिरा पार्क आज जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा के चलते अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। पार्क में लगा हैंडपंप खराब पड़ा हैं। वहीं, रोशनी को लगाई लाइटें भी टूट गई हैं, जिसके चलते लोग रात में पार्क में टहलने से भी वंचित हैं।
तकरीबन 30 साल पहले तत्कालीन खानकाह के सभासद स्व. नजर उस्मानी के अथक प्रयास से तत्कालीन चेयरमैन हाजी आशिक अंसारी के द्वारा नगर पालिका परिषद बोर्ड से इंदिरा पार्क का जीर्णोद्धार कराया गया था। पार्क में झूले, छायादार और फूलों के पौधे तथा फव्वारा लगाकर उसका सुंदरीकरण किया गया था। लेकिन अब पार्क बदहाल हालत में है। फुटपाथ टूट चुका है। बैठने की भी कोई व्यवस्था नहीं है। सीटे टूटी पड़ी हैं।ं लाइटें व लोहे का गेट टूटा पड़ा है। झूले खराब हालत में हैं। दिनभर बच्चे यहां सिर्फ क्रिकेट खेलते हैं।
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पार्क की बदहाल हालत की जिम्मेदार नगरपालिका व वार्ड के सभासद हैं। शाह अपने बचपन के दिन याद करते हुए बताते हैं कि एक समय ऐसा भी था जब इंदिरा पार्क चमन के नाम से मशहूर था। सभासद नजर उस्मानी ने पार्क के लिए बहुत मेहनत की थी। नगरपालिका से एक फंड भी पास करवाया था इतना ही नहीं पार्क की देखभाल के लिए एक माली को भी रखा गया था। लेकिन आज वह जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का शिकार है। -सय्यद वजाहत शाह, वरिष्ठ लेखक एवं चिंतक
आगामी बोर्ड बैठक में पार्क के सौंदर्यकरण को रखेंगे प्रस्ताव
इंदिरा पार्क के सौंदर्यकरण के लिए वह प्रयासरत हैं। आगामी बोर्ड की बैठक में वह पार्क के पुन: सौंदर्यकरण व साज सज्जा के लिए प्रस्ताव रखेंगे। - डा. असलम, सभासद
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पार्क के सौंदर्यकरण पर खर्च होंगे 55 लाख रूपये
*इंदिरा पार्क को सुंदर बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। इसके लिए इस्टीमेट तैयार करवाया जा चुका है। जल्द ही 55 लाख रुपये की लागत से पार्क का सौंदर्यकरण किया जाएगा। -जियाउद्दीन अंसारी, पालिकाध्यक्ष
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